नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में महापौर, उप महापौर और प्रमुख समितियों के चुनाव जल्द होने की संभावना है और यह प्रक्रिया अप्रैल के अंतिम सप्ताह में हो सकती है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, सदन की स्थायी समिति में तीन रिक्त सीट को भरने के लिए चुनाव भी इसी अवधि में निर्धारित हैं।
पिछले साल, आम आदमी पार्टी (आप) ने महापौर चुनाव से दूरी बनाए रखी थी, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) निर्विरोध जीत गई।
दिल्ली में महापौर का पद ‘रोटेशन’ (बारी-बारी) प्रणाली के अनुसार पांच एक-वर्षीय कार्यकालों में बंटा है, जिसमें पहला वर्ष महिलाओं, दूसरा सामान्य वर्ग, तीसरा आरक्षित वर्ग और अंतिम दो वर्ष पुनः सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित रहते हैं।
प्रत्येक वित्त वर्ष के अंत में नया महापौर निर्वाचित होता है।
पिछले वर्ष, भाजपा ने दो साल के अंतराल के बाद दिल्ली नगर निगम पर फिर से अपना नियंत्रण कायम किया।
इससे पहले हुए चुनावों में बार-बार व्यवधान देखा गया था, जहाँ ‘आप’ और भाजपा पार्षदों के बीच तीखे मतभेदों के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित होती रही। उससे पहले, गतिरोध के चलते महापौर चुनने की कोशिशें प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही विफल हो गई थीं।
इस वर्ष, महापौर को निर्वाचित करने वाले निर्वाचक मंडल में कुल 249 पार्षद, दिल्ली विधानसभा द्वारा मनोनीत 14 विधायक, सात लोकसभा सदस्य और तीन राज्यसभा सदस्य शामिल हैं। किसी भी उम्मीदवार को जीत हासिल करने के लिए 137 मतों की आवश्यकता होगी।
वर्तमान में, भाजपा के पास 141 वोट हैं, जिनमें 123 पार्षद, सात लोकसभा सदस्य और 11 विधायक शामिल हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के पास 106 वोट हैं, जिनमें 100 पार्षद, तीन राज्यसभा सदस्य और तीन विधायक शामिल हैं।
अन्य मतों में कांग्रेस के नौ, इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 15, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लाक का एक और एक निर्दलीय उम्मीदवार के शामिल हैं।
इसके साथ ही, नगर निगम आने वाले महीनों में ‘टाउन वेंडिंग कमेटी’ (टीवीसी) के चुनाव कराने पर भी विचार कर रहा है, जो शहर भर में रेहड़ी-पटरी के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
ऐसी लगभग 27 कमेटियों के गठन की उम्मीद है। प्रत्येक कमेटी में रेहड़ी-पटरी (स्ट्रीट वेंडर) वालों के बीच से एक दर्जन प्रतिनिधि होंगे, जबकि शेष सदस्य रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), बाजार निकायों, विशेषज्ञों और स्वयंसेवी समूहों से लिए जाएंगे।
केवल वैध वेंडिंग सर्टिफिकेट (सीओवी) रखने वाले विक्रेता ही मतदान के पात्र होंगे और नगर निगम इस प्रक्रिया के लिए मतदाता सूची तैयार कर रहा है।
भाषा
राखी दिलीप
दिलीप