नयी दिल्ली, 29 अगस्त (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने शनिवार को विश्व बैंक के विशेषज्ञों के साथ शहर की कचरा प्रबंधन प्रणाली को बेहतर बनाने पर चर्चा की। इस दौरान तोक्यो, न्यूयॉर्क और बार्सिलोना में अपनाए जाने वाले मॉडलों के बारे में भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
एक बयान के मुताबिक, एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें सभी जोन के अतिरिक्त आयुक्त, प्रधान अभियंता और उपायुक्त शामिल हुए।
विश्व बैंक की टीम ने तोक्यो की प्रौद्योगिकी-आधारित प्रणाली, न्यूयॉर्क के कचरे के परिवहन और प्रसंस्करण के लिए निजी एजेंसियों पर निर्भरता, और बार्सिलोना की विकेंद्रीकृत सुविधाओं, कचरे को अलग-अलग करने और नागरिकों के व्यवहार में बदलाव लाने पर विशेष ध्यान को रेखांकित किया।
बयान में कहा गया है, “तोक्यो की प्रणाली—जिसमें कचरे से ऊर्जा बनाने वाली 23 इकाइयां हैं—पर प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके निकाय के कचरे की बड़े पैमाने पर प्रसंस्करण के उदाहरण के तौर पर चर्चा की गई।”
न्यूयॉर्क शहर से बाहर की सुविधाओं तक ले जाने समेत, कचरे के परिवहन और प्रसंस्करण के लिए निजी एजेंसियों की मदद ले रहा है।
अधिकारियों ने दिल्ली के लिए कचरा प्रबंधन के एक ऐसे तरीके पर विचार किया, जिसका मकसद एमसीडी की कार्यक्षमता को बेहतर बनाना, उसके कामकाज को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना और निकाय के कचरे से होने वाले उत्सर्जन को कम करना था।
खिरवार ने कहा, “दिल्ली को कचरा प्रबंधन की एक ऐसी रणनीति की जरूरत है जो समय-सीमा के भीतर पूरी हो, व्यापक और टिकाऊ हो। इसमें कचरे को कुशलतापूर्वक इकट्ठा करना, उसका परिवहन, प्रसंस्करण, वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और कचरे से ज्यादा से ज्यादा संसाधनों को जुटाना शामिल हो।”
भाषा प्रशांत पवनेश
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