श्रीनगर, 26 जुलाई (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को निशाना बनाए जाने को लेकर रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों से सबक लेना चाहिए।
महबूबा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जौहर विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थान को नष्ट करना केवल नफरत और बदले की भावना को दर्शाता है।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने लोगों से जौहर विश्वविद्यालय के प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ खड़े होने की अपील की।
उन्होंने कहा, ‘‘योगी को जंतर-मंतर से सबक लेना चाहिए और देखना चाहिए कि देश के युवा नफरत और विभाजन की राजनीति को किस तरह खारिज कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ खड़े हों।’’
मुफ्ती की यह प्रतिक्रिया रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 15 जुलाई को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिए जाने के बाद आई है। प्राधिकरण ने योजना की मंजूरी के बिना निर्माण किये जाने का हवाला दिया था।
जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने इस विश्वविद्यालय की स्थापना की थी।
हालांकि, विश्वविद्यालय ने दलील दी कि इमारतों के निर्माण के समय यह क्षेत्र रामपुर विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र से बाहर था। प्राधिकरण ने इस दलील को खारिज कर दिया।
रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना उत्तर प्रदेश विधानमंडल के एक अधिनियम के तहत 2006 में की गई थी। यह रामपुर रेलवे स्टेशन से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
यह संस्थान आजम खान की प्रमुख परियोजनाओं में से एक था लेकिन बाद में इसे भूमि पर अतिक्रमण और पट्टे की शर्तों के कथित उल्लंघन से जुड़े कई कानूनी मामलों का सामना करना पड़ा। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा वापस अपने कब्जे में ले लिया है।
खान ने इस वर्ष की शुरुआत में विश्वविद्यालय का संचालन करने वाले न्यास से औपचारिक रूप से खुद को अलग कर लिया था।
भाषा सिम्मी सुभाष
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