कन्नूर, 24 जुलाई (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की वरिष्ठ नेता पी. के. श्रीमति ने शुक्रवार को कहा कि केवल माफी मांग लेना पर्याप्त नहीं है और वह उनके खिलाफ पूर्व विधायक की पारिवारिक पेंशन लेने को लेकर झूठा अभियान चलाने वालों पर मानहानि का मुकदमा दायर करेंगी।
कुछ ऑनलाइन समाचार पोर्टल ने कथित आरटीआई दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि पी. के. श्रीमति पूर्व विधायक पी. आर. कृष्णन के नाम पर पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर रही हैं। इसे लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था।
हालांकि पी. आर. कृष्णन के परिवार ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि पेंशन की वास्तविक लाभार्थी उनकी पत्नी हैं और उनका नाम भी पी. के. श्रीमति है।
परिवार ने बताया कि माकपा नेता के खिलाफ यह आरोप केवल इसलिए लगा, क्योंकि उनका नाम पूर्व विधायक की पत्नी के नाम से मेल खाता है।
पी. आर. कृष्णन कांग्रेस के नेता थे और वर्ष 1954 से 1956 के बीच त्रावणकोर-कोचीन विधानसभा सीट से विधायक रहे थे।
पूर्व मंत्री ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस झूठे प्रचार अभियान से उन्हें गहरी व्यक्तिगत पीड़ा हुई है और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा, “अब मेरे परिवार के लोग और दोस्त मुझसे पूछ रहे हैं कि सच्चाई क्या है। मैं ऐसी स्थिति में पहुंच गई हूं कि उन्हें ठीक से जवाब भी नहीं दे पा रही हूं। किसी भी परिवार को झूठी खबरों की वजह से ऐसी पीड़ा नहीं झेलनी चाहिए।”
श्रीमति ने बताया कि उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन, गृह मंत्री रमेश चेन्निथला, राज्य पुलिस प्रमुख और केरल महिला आयोग से शिकायत की है।
उन्होंने कहा, “ये सिर्फ शुरुआती शिकायतें हैं। अब मैंने कानूनी कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है। मेरे वकील मेरे साथ हुई गंभीर सार्वजनिक बदनामी और मेरी प्रतिष्ठा को पहुंचे नुकसान के लिए मानहानि का मुकदमा तैयार कर रहे हैं।”
यह पूछने पर कि अगर आरोप लगाने वाले लोग माफी मांग लें, तो क्या मामला वहीं समाप्त हो जाएगा, जिसपर श्रीमति ने कहा कि सिर्फ माफी मांगना पर्याप्त नहीं होगा।
भाषा जितेंद्र पवनेश
पवनेश