ऊना (हिमाचल प्रदेश), 17 अगस्त (भाषा) हिमाचल के ऊना जिले में पशु चिकित्सकों के एक दल ने भैंस के पेट में फंसे धातु के तार के 18 टुकड़ों को शल्यक्रिया के जरिए सफलतापूर्वक निकाल दिया।
गोंदपुर जयचंद निवासी राम अग्निहोत्री की भैंस पिछले दस दिनों से चारा नहीं खा रही थी। पशु चिकित्सालय ले जाने पर कुछ प्रारंभिक जांच के बाद भैंस का अल्ट्रासाउंड किया गया। पशु चिकित्सकों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इससे भैंस के पेट में बाहरी वस्तु मौजूद होने की पुष्टि हुई। पशु की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल शल्यक्रिया करने का फैसला किया। शल्यक्रिया से भैंस के पेट से तार के 18 टुकड़े निकाले गए।
पशुपालन विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि शल्यक्रिया के बाद भैंस का जरूरी उपचार और देखभाल की गई और उसकी हालत में सुधार हुआ।
शल्यक्रिया ललड़ी पशु चिकित्सालय में डॉ. निशांत रानौत, डॉ. नवनीत शर्मा और डॉ. शिल्पा रानौत की टीम ने की। पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट सौरव के साथ रीमा, सुनंदा, दीपक, सक्षम और विकास ने भी शल्यक्रिया के दौरान महत्वपूर्ण सहयोग किया।
पशु चिकित्सकों के अनुसार, चारे के साथ गलती से निगल लिए गए कील, तार, लोहे के टुकड़े और अन्य धातु की वस्तुएं पशुओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकती हैं।
ऐसे मामलों में समय पर बीमारी का पता लगाना और उचित उपचार बेहद जरूरी है। इस मामले में अल्ट्रासाउंड के जरिए समस्या का पता चलने के बाद शल्यक्रिया की गई, जिससे पशु की हालत में सुधार हुआ।
पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों से चारा खिलाने से पहले उसमें मौजूद तार, कील और अन्य धातु की वस्तुओं को अच्छी तरह हटाने की अपील की है। उन्होंने सलाह दी कि यदि कोई पशु खाना बंद कर दे या उसके स्वास्थ्य में असामान्य बदलाव दिखाई दे तो पशुपालक तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
भाषा नरेश
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