मिजोरम को स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना मजबूत करने के लिए केंद्र से मिलेंगे 120 करोड़ रुपये: लालदुहोमा

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मिजोरम को स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना मजबूत करने के लिए केंद्र से मिलेंगे 120 करोड़ रुपये: लालदुहोमा

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 06:55 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 06:55 PM IST

आइजोल, 27 जुलाई (भाषा) मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने सोमवार को कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता (एफएएसपीएचआई) योजना के तहत राज्य को स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना मजबूत करने के लिए केंद्र से 120 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

लालदुहोमा ने यह घोषणा आइजोल के पास फालकॉन स्थित राज्य के एकमात्र जोरम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जेडएमसीएच) के दौरे के दौरान की।

एफएएसपीएचआई योजना के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 4,200 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इस योजना में राज्यों को शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु अनुपात, क्षय रोग (टीबी) मृत्यु दर और राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के तहत प्रमाणित स्वास्थ्य सुविधाओं की संख्या जैसे विभिन्न मानकों में सुधार के आधार पर प्रोत्साहन दिया जाता है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, मिजोरम ने दो प्रदर्शन मानकों—शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) और एनक्यूएएस प्रमाणित स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रतिशत—के आधार पर प्रोत्साहन राशि के लिए पात्रता हासिल की।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर शिशु मृत्यु दर 13 से घटाकर वर्ष 2024 में 12 करने पर राज्य को 20 करोड़ रुपये मिले। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 के बीच एनक्यूएएस प्रमाणित स्वास्थ्य सुविधाओं में 21.07 प्रतिशत वृद्धि दर्ज करने पर राज्य को अधिकतम 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली।

लालदुहोमा ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्य के 120 करोड़ रुपये के परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और उम्मीद है कि जुलाई के अंत तक इसे धनराशि जारी करने के लिए वित्त मंत्रालय को भेज दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं में आइजोल जिले के साकावरदाई, मामित के कावरथाह, मामित के वेस्ट फाइलेंग और लुंगलेई के बुंगतलांग साउथ स्थित चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को गैर-प्रथम रेफरल इकाई (नॉन-एफआरयू) से प्रथम रेफरल इकाई (एफआरयू) में उन्नत करना शामिल है, जिस पर कुल 83.57 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

उन्होंने बताया कि इस पैकेज में लुंगलेई जिला अस्पताल, लावंगतलाई जिला अस्पताल और कुलिकॉन उप-जिला अस्पताल में संक्रामक रोग वार्ड स्थापित करना भी शामिल है। उन्होंने बताया कि कुलिकॉन अस्पताल में क्षय रोग उपचार इकाई भी स्थापित की जाएगी और इस पर कुल 14.03 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, यह सहायता राज्य में टीबी जांच को मजबूत करने के लिए उन्नत उपकरणों की खरीद और विभिन्न स्तरों के स्वास्थ्य केंद्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगी, जिस पर 22.39 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

लालदुहोमा ने कहा कि मिजोरम को लगातार प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि मिलना संतोषजनक है और यह राज्य में स्वास्थ्य पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन की मान्यता है।

उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों को स्वास्थ्य परिणामों में सुधार तथा गुणवत्ता प्रमाणित स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए किए गए प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान राज्य के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान जेडएमसीएंडएच की अवसंरचना और कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की, जहां 519 बिस्तरों की सुविधा है।

भाषा अमित रंजन

रंजन