भीड़ हिंसा पर सख्त हुई सरकार, हर जिले में एसपी स्तर के नोडल अधिकारी होंगे नियुक्त

भीड़ हिंसा पर सख्त हुई सरकार, हर जिले में एसपी स्तर के नोडल अधिकारी होंगे नियुक्त

भीड़ हिंसा पर सख्त हुई सरकार, हर जिले में एसपी स्तर के नोडल अधिकारी होंगे नियुक्त
Modified Date: November 29, 2022 / 08:28 pm IST
Published Date: July 25, 2018 3:45 am IST

नई दिल्ली। लोकसभा के मानसूत्र के दौरान मंगलवार को भी मॉब लिंचिंग का मुद्दा गरमाया रहा। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने लगातार बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते कहा कि गृह सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर मंत्रिमंडलीय समूह (जीओएम) इस संबंध में निर्णय लेगा। केंद्र सरकार ने राज्यों को जारी एडवायजरी में भीड़ हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए जिले में एसपी स्तर का नोडल अधिकारी नियुक्त होंगे।

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खुफिया जानकारी जुटाने और सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए टास्क फोर्स गठित की जाएगी। जिससे कि बच्चा उठाने वाले या पशु चोर के संदेह में किसी पर भी हमला न हो। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि भीड़ हिंसा के संबंध में इन निर्देशों का पालन नहीं करने वाले पुलिस अधिकारी या जिला प्रशासन के अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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इससे पहले इस मुद्दे पर लगातार दूसरे दिन सदन में जबर्दस्त हंगामा हुआ। कांग्रेस के मल्लिाकर्जुन खडग़े ने इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान जज से जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे असमाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ा संदेश देने के बदले सरकार के मंत्री ऐसे मामले को दोषियों को सार्वजनिक तौर पर माला पहनाते हैं।

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लोकसभा में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मॉब लिंचिंग नई घटना नहीं है। यह सालों से चला आ रहा है। सरकार चिंतित है। कई बार राज्यों को एडवाइजरी भेजी गई है। मैं यहां अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कही उस बात को नहीं दोहराना चाहता कि देश में सबसे बड़ी मॉब लिंचिंग वर्ष 1984 में देश की राजधानी में सिखों के खिलाफ हुआ था। 

 

वेब डेस्क, IBC24


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