मोदी ने युवाओं से देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगदान देने का आह्वान किया

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मोदी ने युवाओं से देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगदान देने का आह्वान किया

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  • Publish Date - August 15, 2025 / 08:42 PM IST,
    Updated On - August 15, 2025 / 08:42 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) भारत में निर्मित लड़ाकू विमानों के लिए स्वदेशी इंजन डिजाइन करने से लेकर स्वदेशी सोशल मीडिया मंच बनाने तक, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को देश के युवाओं और नवप्रवर्तकों के समक्ष देश को मजबूत और ‘‘आत्मनिर्भर’’ बनाने की दिशा में अपनी प्रतिभा का योगदान देने का आह्वान किया।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से दिए गए अपने सबसे लंबे संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें ‘‘युवाओं के सामर्थ्य’’ और उनकी क्षमताओं पर भरोसा है।

मोदी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के लिए, आत्म-सम्मान का सबसे बड़ा आधार अब भी आत्मनिर्भरता ही है। उन्होंने कहा, ‘‘और, विकसित भारत का आधार भी आत्मनिर्भर भारत ही है।’’

मोदी ने 103 मिनट के अपने संबोधन में कहा, ‘‘140 करोड़ भारतीय 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रहे हैं, जब हम आजादी के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाएंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस संकल्प को पूरा करने के लिए, भारत आज हर क्षेत्र में एक आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र बना रहा है और आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र हमारे देश को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा।’’

अपने भाषण में उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी ऊर्जा का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में स्वदेशी नवाचारों को विकसित करने में करें।

उन्होंने कहा, ‘‘आज लाल किले की प्राचीर से मैं अपने देश के युवा वैज्ञानिकों, प्रतिभाशाली युवाओं, अभियंताओं और पेशेवरों तथा सरकार के हर विभाग से अपील करता हूं कि हमारे ‘मेड-इन-इंडिया’ लड़ाकू विमानों के लिए जेट इंजन हमारा होना चाहिए या नहीं।’’

उनकी टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल में एचएएल के एक शीर्ष अधिकारी ने भारतीय वायुसेना को घरेलू हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस की आपूर्ति में देरी के लिए अमेरिकी रक्षा कंपनी ‘जीई एयरोस्पेस’ द्वारा इंजन की आपूर्ति की समय सीमा चूकने का जिम्मेदार ठहराया था।

मोदी ने कहा, ‘‘हम टीकों के क्षेत्र में नयी उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं, लेकिन क्या समय की मांग नहीं है कि हम अनुसंधान और विकास में अधिक ऊर्जा लगाएं, हमारे पास अपने पेटेंट होने चाहिए, और हमें मानव जाति के कल्याण के लिए हमारे द्वारा निर्मित सबसे सस्ती और सबसे प्रभावी नयी दवाओं पर अनुसंधान करना चाहिए।’’

प्रधानमंत्री ने देश में 300 से अधिक स्टार्ट-अप पर भी गर्व व्यक्त किया जो अब अंतरिक्ष क्षेत्र में काम कर रहे हैं और हजारों युवा उन स्टार्ट-अप में पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे देश के युवाओं का सामर्थ्य है और यह हमारे देश के युवाओं पर हमारा विश्वास है।’’

मोदी ने कहा, ‘‘मैं देश के नौजवानों से, देश के उद्योग जगत से, निजी क्षेत्र से कहना चाहता हूं, आइए हम खाद का भंडार बनाएँ, उसके लिए नए तरीके खोजें, और देश की जरूरतों के हिसाब से, अपनी खाद खुद बनाएं। हमें किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘चाहे वह रचनात्मक दुनिया हो, सोशल मीडिया हो या इनमें से कोई भी मंच हो, मैं अपने देश के युवाओं से कहना चाहता हूं – हमारे पास अपना मंच क्यों नहीं है, हमें दूसरों पर निर्भर क्यों रहना चाहिए, भारत का धन बाहर क्यों जाना चाहिए। मुझे आपकी क्षमताओं पर विश्वास है।’’

मोदी ने कहा कि देश के युवाओं में उनका विश्वास इस बात से उपजा है कि उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान स्वदेशी टीका बनाकर अपना योगदान दिया। उन्होंने कहा कि यहां तक कि कोविन मंच भी भारतीयों द्वारा तैयार किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए भी यही भावना, यही जुनून जरूरी है।

भाषा

देवेंद्र अविनाश

अविनाश