नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने या उसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने तथा जन्म और मृत्यु के विलंबित पंजीकरण के प्रावधानों को और सख्त करने संबंधी विधेयकों सहित कई विधेयकों को 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
लोकसभा सचिवालय ने एक बुलेटिन जारी कर यह भी बताया कि सरकार ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (एफसआरए) को विचार और पारित कराने के लिए भी सूचीबद्ध किया है।
यह विधेयक बजट सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किया गया था लेकिन उस समय इस पर विचार और पारित नहीं कराया गया। माना जा रहा है कि उस समय केरल में विधानसभा चुनाव होने के कारण कुछ वर्गों, खासकर ईसाई परमार्थ संगठनों के विरोध के चलते इस विधेयक को आगे नहीं बढ़ाया गया।
लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन के अनुसार, राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को पेश करने, उस पर विचार करने और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
यह विधेयक राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन का प्रावधान करता है। सूत्रों के अनुसार, इसके माध्यम से सरकार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने या उसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाना चाहती है।
इसके अलावा, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी पेश करने, विचार करने और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
इस विधेयक का उद्देश्य जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 में संशोधित) की धारा 13(3) में और संशोधन कर जन्म एवं मृत्यु के विलंबित पंजीकरण से संबंधित प्रावधानों को और अधिक सख्त बनाना है।
संसद का मानसून सत्र आगामी 20 जुलाई से आरंभ होगा और इसके 13 अगस्त तक चलने की संभावना है।
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