अहमदाबाद, 12 जुलाई (भाषा) गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 16 जुलाई को होने वाली 149वीं जगन्नाथ रथयात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की तैयारियों की शनिवार को समीक्षा की।
रथयात्रा के दौरान शहर में सुरक्षा के लिए 31,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और 65 ड्रोन की तैनाती की जाएगी।
गांधीनगर में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए पटेल ने अधिकारियों को राज्यभर में निकलने वाली 230 से अधिक शोभायात्राओं का सुरक्षित आयोजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
गुजरात के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल वार्षिक जगन्नाथ रथयात्रा शहर के कई संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरेगी, जिनमें जमालपुर, कालूपुर, शाहपुर और दरियापुर शामिल हैं।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि अहमदाबाद की छह छोटी रथयात्राओं सहित सभी यात्राएं सुरक्षित माहौल में संपन्न हों और श्रद्धालु बिना किसी अप्रिय घटना के इसमें भाग ले सकें।
उन्होंने अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) को भी निर्देश दिया कि यात्रा मार्ग पर स्थित जर्जर इमारतों और ढांचों के आसपास या उनके ऊपर एकत्र होकर लोग यात्रा न देखें, ताकि किसी दुर्घटना की आशंका को टाला जा सके।
अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि शहर में रथयात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए 31,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
विज्ञप्ति के अनुसार, शहर पुलिस ‘‘शून्य जोखिम दृष्टिकोण’’ के तहत 240 से अधिक छतों पर बनाए गए निगरानी केंद्रों, 65 ड्रोन और 2,800 से अधिक ‘बॉडी-वॉर्न’ कैमरों के माध्यम से रथयात्रा की निगरानी करेगी।
एएमसी की ओर से आयोजन के दौरान 15 चिकित्सा अधिकारियों, 100 स्वास्थ्यकर्मियों, 31 दमकल वाहनों और 237 दमकल कर्मियों की तैनाती भी की जाएगी।
विज्ञप्ति में बताया गया कि 16 किलोमीटर लंबी रथयात्रा में 101 ट्रक, 30 अखाड़े और 18 भजन मंडलियां शामिल होंगी।
सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अहमदाबाद पुलिस ने आयोजन से पहले शांति समिति की 69 बैठकें, मोहल्ला समितियों की 79 बैठकें और विभिन्न समुदायों के धार्मिक नेताओं के साथ करीब 178 बैठकें की हैं।
विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस ने विश्वास बहाली और सामुदायिक संपर्क अभियान के तहत रक्तदान शिविर, रात्रिकालीन क्रिकेट और वॉलीबॉल प्रतियोगिताएं, लोक डायरा कार्यक्रम तथा युवाओं के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किए हैं।
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