असम के बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की जरूरत: मुख्यमंत्री शर्मा

Ads

असम के बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की जरूरत: मुख्यमंत्री शर्मा

  •  
  • Publish Date - August 12, 2026 / 01:23 PM IST,
    Updated On - August 12, 2026 / 01:23 PM IST

गुवाहाटी, 12 अगस्त (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि हाल में आई बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित जिलों में क्षतिग्रस्त संपत्तियों की मरम्मत और लोगों के पुनर्वास के लिए कम से कम 1,000 करोड़ रुपये की जरूरत होगी।

शर्मा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुनर्वास प्रक्रिया में पूरी मदद का आश्वासन दिया है।

शर्मा ने कहा, ‘‘स्थायी राहत देने के लिए नौ अगस्त को त्वरित राहत आकलन अभियान शुरू किया गया था। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, 8,000 से अधिक परिवारों का आकलन किया जा चुका है और 150 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।’’

उन्होंने बताया कि यह सर्वेक्षण 30 अगस्त तक जारी रहेगा और हालिया बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित ऊपरी असम के जिलों में 50,000 से 60,000 परिवारों को इसके दायरे में लाया जाएगा।

शर्मा ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि नुकसान की भरपाई और पुनर्वास पर 1,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि प्रभावित परिवारों को भुगतान करने में कोई दिक्कत नहीं होगी और उन्होंने हमें नुकसान का आकलन बिना किसी चूक के करने को कहा है।’’

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में विभिन्न समूहों से मिले सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि देशभर के 72 यूट्यूबर ने इस काम के लिए धन जुटाया है।

उन्होंने कहा, ‘‘उनमें से कई पहले से ही जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं और लोगों को राहत पहुंचा रहे हैं। हम इस बात पर कड़ी नजर रख रहे हैं कि वे इस रकम को बाढ़ प्रभावित इलाकों में ही खर्च कर रहे हैं या नहीं।’’

शर्मा ने ‘ऊपरी असम’ में बाढ़ से क्षतिग्रस्त 494 आंगनवाड़ी केंद्रों के पुनर्निर्माण के लिए 11.3 करोड़ रुपये जारी किए।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इन केंद्रों को जल्द से जल्द फिर से शुरू करना चाहते हैं, ताकि लोगों को सभी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इस अभियान के तहत क्षतिग्रस्त सभी 494 आंगनवाड़ी केंद्रों का पुनर्निर्माण किया जाएगा।’’

उन्होंने बताया कि इन महत्वपूर्ण सामुदायिक केंद्रों को बहाल करने के लिए प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को अधिकतम 2.5 लाख रुपये दिए जाएंगे।

भाषा प्रचेता सिम्मी

सिम्मी