कोलकाता, 24 सितंबर (भाषा) नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी मिलन प्रधान की पत्नी अर्पिता प्रधान ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उनके पति को जेल भेजने के लिए “सत्ता का दुरुपयोग” किया। अर्पिता ने दावा किया कि उनके पति को “झूठे मामलों” में फंसाया गया है।
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के कोलकाता स्थित मुख्यालय विधान भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अर्पिता ने जेल में बंद उम्मीदवार प्रधान के “समर्थन” के लिए राहुल गांधी और ममता बनर्जी, दोनों का आभार जताया। साथ ही उन्होंने सभी विपक्षी दलों से छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ मिलकर लड़ने का आग्रह किया।
अर्पिता ने कहा कि जेल में बंद मिलन प्रधान को खुद प्रचार करने का अवसर नहीं मिल पाने के कारण वह अपनी बेटी के साथ नंदीग्राम की सड़कों पर उतरकर उनके लिए प्रचार करेंगी।
प्रधान को 19 साल पुराने कई मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और बाद में पांच अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इन मामलों में हत्या का मामला भी शामिल है और ये सभी 2007 में नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हुए आंदोलन से जुड़े हैं।
नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए छह अक्टूबर को मतदान होगा।
अपने प्रत्याशी को उपचुनाव मैदान से हटाकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उपचुनाव में प्रधान को समर्थन देने की घोषणा के कुछ ही समय बाद उन्हें (प्रधान को) गिरफ्तार कर लिया गया।
अर्पिता ने कहा, “इतने पुराने मामले में इस चुनाव से ठीक पहले मेरे पति को जेल क्यों भेजा गया? शुभेंदु अधिकारी भी इसी मामले में आरोपी थे, तो वह बाहर क्यों हैं? ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि हम विपक्ष से हैं।”
भावुक अर्पिता ने कहा, “उन्हें झूठे मामलों में इसलिए फंसाया गया क्योंकि वह अपने देश के लिए लड़ रहे हैं और अपने लोगों के साथ खड़े हैं। उनका परिवार है और मौजूदा स्थिति में हमारी बेटी स्कूल नहीं जा पा रही है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि “असल अपराधी” स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं क्योंकि वह मुख्यमंत्री हैं।
अर्पिता ने कहा, “क्या हम एक स्वतंत्र देश में रह रहे हैं? मुझे ऐसा लगता है कि हम ब्रिटिश शासन के अधीन हैं। मैं नंदीग्राम के लोगों से हमारे साथ खड़े होने की अपील करती हूं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अपनी सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं। यह बंद होना चाहिए।”
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार और पार्टी के राज्य प्रभारी प्रकाश जोशी के साथ मौजूद अर्पिता ने दावा किया कि अन्य दलों की ओर से आकर्षक प्रस्ताव मिलने के बावजूद उनके पति कांग्रेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहे।
उन्होंने कहा, “मिलन प्रधान अपने छात्र जीवन से ही कांग्रेस की राजनीति से जुड़े रहे हैं। उनके कई सहयोगियों ने पैसे लेकर एक पार्टी से दूसरी पार्टी का रुख कर लिया, लेकिन वह अपनी राजनीतिक विचारधारा पर अडिग रहे।”
अर्पिता ने दावा किया कि उन्हें झूठे मामलों में इसलिए फंसाया गया क्योंकि वह अपने देश के लिए लड़ रहे थे और अपने लोगों के साथ खड़े रहे।
भाषा तान्या पवनेश
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