कोलकाता। पश्चिम बंगाल में टीएमसी की बड़ी जीत के बाद प्रदेश में अफरा तफरी का माहौल है। विपक्षी दलों के कई कार्यकर्ताओं की हत्या की जा चुकी है। वहीं बीजेपी से जुड़े कई कार्यकर्ता राज्य छोड़कर दूसरे प्रदेशों में शरण लेने को मजबूर हैं। वहीं जो लोग साहस करके प्रदेश में ही रुके हुए हैं, उन्हें अपनी हत्या की आशंका सता रही है। बता दें कि साल 2015 में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को एक व्यक्ति ने सरेआम थप्पड़ जड़ दिया था, उस शख्स की अचानक मौत हो गई है। अभिषेक बनर्जी को थप्पड़ जड़ने वाले भाजपा से जुड़े देबाशीष आचार्य की गुरुवार को रहस्यमय ढंग से मौत हो गई है। देबाशीष के परिजनों और बीजेपी ने नेताओं ने इसे राजनीतिक हत्या करार दिया है।
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गुरुवार सुबह देवाशीष आचार्य को गंभीर रूप से घायल हालत में मिदनापुर के तमलुक के जिला अस्पताल ले जाया गया था। उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे लोग जल्द ही यहां से निकल गए। इलाज के दौरान देबाशीष की मौत हो गई। जब उनके परिवार को अस्पताल पहुंचने पर रहस्यमय मौत के बारे में पता चला और तो उन्होंने दावा किया कि देवाशीष का मर्डर किया गया है।
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बीजेपी नेताओं ने देवाशीष आचार्य की मौत पर प्रदेश सरकार को घेरा है। बता दें कि देवाशीष 2020 में भाजपा में शामिल हुए थे। पुलिस ने अपनी प्रारंभिक जांच में पाया कि देवाशीष आचार्य 16 जून की शाम अपने दो दोस्तों के साथ बाहर गए थे। वह चाय की दुकान पर भी रुके थे और वहां से अचानक कहीं गायब हो गए थे।
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देबाशीष आचार्य वर्ष 2015 में उस दौरान सुर्खियों में आ गए थे जब उन्होंने एक राजनीतिक कार्यक्रम में अभिषेक बनर्जी को भरी जनसभा में थप्पड़ जड़ दिया था। इसके बाद टीएमसी समर्थकों ने स्टेज पर ही उनकी जमकर पिटाई की थी। पुलिस ने देबाशीष को गिरफ्तार भी किया था, इसके बाद खुद अभिषेक बनर्जी ने उन्हें रिहा करा दिया गया था।