नगा शांति वार्ता के लिए मंत्री स्तर के वार्ताकार की मांग दोहराई : नगालैंड सरकार

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नगा शांति वार्ता के लिए मंत्री स्तर के वार्ताकार की मांग दोहराई : नगालैंड सरकार

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  • Publish Date - August 4, 2026 / 10:56 PM IST,
    Updated On - August 4, 2026 / 10:56 PM IST

कोहिमा, चार अगस्त (भाषा) नगालैंड सरकार की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) ने नगा राजनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए मंत्री स्तर के वार्ताकार की नियुक्ति की अपनी मांग को दोहराते हुए मंगलवार को कहा कि शांति प्रक्रिया के लिए रूपरेखा तैयार करने के उद्देश्य से वह जल्द ही विभिन्न हितधारकों के साथ संवाद शुरू करेगी।

मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर पीएसी की बंद कमरे में हुई बैठक के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता तथा बिजली एवं संसदीय कार्य मंत्री के. जी. केन्ये ने संवाददाताओं से कहा कि समिति ने पिछली बैठकों के बाद हुए घटनाक्रम की समीक्षा की और पहले अपनाए गए अपने रुख पर कायम रहने का निर्णय लिया।

केन्ये ने कहा, ‘‘पीएसी की बैठक आज सुबह 10 बजे हुई, जिसमें सभी 28 सदस्य मौजूद थे। हमने पिछली बैठकों में पारित प्रस्तावों और पिछले 24 महीनों के दौरान हुए घटनाक्रम की समीक्षा की। स्थिति का आकलन करने के बाद हमने पहले अपनाए गए अपने रुख पर कायम रहने का फैसला किया।’’

उन्होंने कहा कि समिति अब विभिन्न हितधारकों से बातचीत की रूपरेखा तैयार करेगी और उसके बाद नगा राजनीतिक समस्या के समाधान की दिशा में प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए एक ठोस रूपरेखा पेश करेगी।

एक प्रश्न के उत्तर में केन्ये ने पुष्टि की कि पीएसी ने केंद्र से मंत्री स्तर के वार्ताकार की नियुक्ति की अपनी मांग दोहराई है।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को ‘‘तार्किक निष्कर्ष’’ तक पहुंचाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘जब हमने मंत्री स्तर के वार्ताकार की मांग की थी, तो यह कोई सामान्य निर्णय नहीं था। यदि वार्ताकार उस स्तर का नहीं होगा तो वार्ता में शामिल पक्षों का भरोसा नहीं बन पाएगा और सरकार को भी यह विश्वास नहीं होगा कि हमारी चिंताओं को प्रभावी ढंग से केंद्र तक पहुंचाया जाएगा। केंद्र ने हमें आश्वासन दिया है कि वह हमारी मांग पर विचार कर रहा है।’’

अन्य राजनीतिक दलों और हितधारकों से संवाद के बारे में पूछे जाने पर केन्ये ने कहा कि व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श शुरू करने से पहले सरकार को आवश्यक तैयारी के लिए कुछ समय चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘इस मुद्दे से पूरा नगा समाज जुड़ा हुआ है क्योंकि यह नागा लोगों के भविष्य का सवाल है। हमें अभी काफी तैयारी करनी है और यह विषय बेहद संवेदनशील है। हम किसी को नाराज नहीं करना चाहते और न ही किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना चाहते हैं।’’

मंत्री ने सभी पक्षों से आरोप-प्रत्यारोप से बचने की अपील करते हुए कहा कि सभी को समाधान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘हर तरफ से आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर कम होना चाहिए। हमें यह सोचना चाहिए कि हमारे लोगों और उनके भविष्य के लिए क्या बेहतर है।’’

नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड-इसाक-मुइवा (एनएससीएन-आईएम) के भीतर कथित रूप से ‘ईस्टर्न फ्लैंक’ के गठन की खबरों पर केन्ये ने कहा कि सरकार घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है, लेकिन तथ्यों की पुष्टि होने तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही है, लेकिन अभी तक तथ्यों और जमीनी स्थिति की पुष्टि नहीं हुई है। तथ्य स्पष्ट होने के बाद सरकार अपनी प्रतिक्रिया देगी।’’

भाषा रवि कांत रवि कांत देवेंद्र

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