अगरतला, 30 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया राहटकर ने बृहस्पतिवार को कहा कि आयोग ने 2030 तक देशभर से बाल विवाह को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि इसके तहत इस वर्ष के अंत तक बाल विवाह के मामलों में 10 प्रतिशत की कमी लाने का अंतरिम लक्ष्य भी तय किया गया है।
राहटकर ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमने देशभर में 2030 तक बाल विवाह समाप्त करने का लक्ष्य रखा है और इस मुख्य लक्ष्य को हासिल करने के लिए वर्ष 2026 के अंत तक बाल विवाह के मामलों में 10 प्रतिशत की कमी लाने का अंतरिम लक्ष्य तय किया गया है।’
अधिकारियों के अनुसार, देश में बाल विवाह की औसत दर 23.3 प्रतिशत है, जबकि पश्चिम बंगाल, बिहार और त्रिपुरा में इसकी दर सबसे अधिक है। इन राज्यों में 40 प्रतिशत से अधिक महिलाओं का विवाह 18 वर्ष की आयु से पहले हो जाता है।
राहटकर मंगलवार को त्रिपुरा पहुंची थीं। उन्होंने लड़कियों की तस्करी, बाल विवाह, पॉक्सो अधिनियम और महिला कल्याण से जुड़े मुद्दों पर कई सभाएं कीं तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।
उन्होंने कहा, ‘‘आज, हमने राज्य अतिथि गृह में मुख्य सचिव जे. के. सिन्हा और सामाजिक शिक्षा एवं कल्याण विभाग के विशेष सचिव तपन कुमार दास के साथ राज्य सरकार द्वारा महिला कल्याण को लेकर उठाए गए कदमों पर सार्थक चर्चा की।’’
त्रिपुरा को लड़कियों की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील सीमावर्ती राज्य बताते हुए राहटकर ने कहा कि उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों से भी मुलाकात कर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी रोकने के लिए जवानों को अधिक सतर्क और जागरूक करने के उपायों पर चर्चा की।
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष ने राज्य में महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के काम की भी सराहना की।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने गोमती जिले के उदयपुर में बुधवार को ‘लखपति दीदियों’ और एसएचजी सदस्यों से मुलाकात की तथा (मैं) उनकी बढ़ती एवं स्थायी आय की क्षमता से काफी प्रभावित हुई।’
राहटकर ने मंगलवार को मुख्यमंत्री माणिक साहा से मुलाकात कर महिलाओं के सशक्तीकरण, कल्याण तथा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की थी।
भाषा प्रचेता सुरेश
सुरेश