देशभर के पर्यटन स्थलों पर आयोजित होंगे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार : वैष्णव

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देशभर के पर्यटन स्थलों पर आयोजित होंगे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार : वैष्णव

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  • Publish Date - September 22, 2026 / 09:23 PM IST,
    Updated On - September 22, 2026 / 09:23 PM IST

एकता नगर (गुजरात), 22 सितंबर (भाषा) केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा सुझाए गए प्रमुख पर्यटन स्थलों पर किया जाएगा, साथ ही उन्होंने आलोचकों से ‘‘संकीर्ण राजनीतिक चर्चाओं’’ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की अपील की।

वैष्णव ने गुजरात में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के पास आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह फैसला ‘जी-20’ बैठकों के देश के विभिन्न हिस्सों में सफल आयोजन को देखते हुए लिया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘आप सभी जानते हैं कि जब भारत में ‘जी-20’ आयोजित हुआ, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इसका आयोजन एक अनोखे अंदाज में किया गया। देशभर के 60 से अधिक शहरों में 200 से ज्यादा बैठकें आयोजित की गईं, जिससे हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को इसमें शामिल किया जा सका।’’

मंत्री ने कहा कि ‘जी-20’ बैठकें इस बात का उदाहरण हैं कि भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने कैसे प्रदर्शित किया जा सकता है।

वैष्णव ने कहा, ‘‘यही वह सोच है, जिसे हमने इस वर्ष के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए अपनाया है।’’

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को देशभर के ‘‘अति महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों’’ तक ले जाना है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज हम एकता नगर में एकत्र हुए हैं, जो सरदार पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के लिए जाना जाता है। यह आयोजन फिल्म जगत से जुड़े आप सभी लोगों के लिए इस खूबसूरत स्थान पर आने और इसे करीब से महसूस करने का एक बेहतरीन अवसर है।’’

वैष्णव ने कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भविष्य में होने वाले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोहों के लिए अपने पर्यटन स्थलों का प्रस्ताव देने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इस गंतव्य का चयन कैसे करेंगे? मैं सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का आह्वान कर रहा हूं। अपने राज्य के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में से एक का चयन करें और हमें बताएं कि आप वहां क्या सुधार करेंगे। फिर आपके स्थान का चयन किया जाएगा, और हम उस चुने हुए स्थान पर एनएफए का अगला संस्करण आयोजित करेंगे।’’

उन्होंने कहा कि इससे फिल्मी हस्तियों को भी अनूठे पर्यटन स्थलों का अनुभव मिलेगा।

उनकी यह टिप्पणी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को दिल्ली से गुजरात के एकता नगर में आयोजित करने के फैसले की कुछ विपक्षी नेताओं द्वारा की जा रही आलोचना के बीच आई है।

इससे पहले, शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस कदम की आलोचना करते हुए आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार गुजरात और देश के बाकी हिस्सों के बीच ‘‘दीवार खड़ी करने’’ की कोशिश कर रही है। पार्टी सांसद संजय राउत ने कार्यक्रम के बहिष्कार का आह्वान किया था।

वैष्णव ने इस आलोचना का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा, ‘‘….इसलिए जो लोग संकीर्ण राजनीतिक चर्चाओं में उलझते हैं, मैं उनसे अनुरोध करना चाहता हूं कि अपने राजनीतिक हितों से ऊपर उठें और सबसे पहले हमारे देश के बारे में सोचें, हमेशा राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें।’’

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार गांवों और छोटे शहरों की उस ‘‘नवोदित प्रतिभा’’ को पहचानकर मंच प्रदान करने की योजना बना रही है, जिन्हें बड़े शहरों में मार्गदर्शन या प्रशिक्षण के अवसर नहीं मिल पाते।

उन्होंने कहा कि दूरदर्शन से जुड़े प्रसून जोशी ऐसी युवा प्रतिभाओं की पहचान के लिए एक टीम बनाएंगे।

एकता नगर में पुरस्कार वितरण स्थल पर प्रसून जोशी भी दर्शकों में मौजूद थे।

मंत्री ने फिल्म उद्योग के सदस्यों से इस पहल में स्वेच्छा से योगदान देने की अपील की।

वैष्णव ने उपस्थित लोगों से पूछा कि यदि वे इस पहल का समर्थन करने के लिए तैयार हैं, तो अपने हाथ उठाएं।

उन्होंने कहा, ‘‘यहां कोई स्वयंसेवक है? क्या कोई हाथ खड़े कर सकता है? अरे वाह! यह बहुत बढ़िया है। इतने सारे लोग तैयार हैं। शायद, प्रसून भाई, आपका आधा से ज्यादा काम हो गया है।’’

वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर में 15,000 ‘क्रिएटिव लैब’ की मंजूरी दी है, जो युवाओं को नयी प्रौद्योगिकी सीखने और अपनी रचनात्मकता को बाजार तक लाने का अवसर प्रदान करेगी।

भाषा

खारी दिलीप

दिलीप

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