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Naxal Free India: दिल्ली: दिल्ली में लोकसभा में आज नक्सलवाद पर विशेष बहस होने जा रही है, जिसे लेकर संसद और आम जनता की नजरें टिकी हैं। इस बहस की शुरुआत सांसद श्रीकांत शिंदे करेंगे और वे सरकार के प्रयासों तथा रणनीति पर चर्चा करेंगे। केंद्र सरकार ने नक्सलवाद को देश से पूरी तरह खत्म करने को अपनी प्राथमिकता बताया है और इस मुद्दे पर व्यापक योजना तैयार की गई है। सांसदों के बीच उम्मीद है कि इस बहस के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा, विकास और सामाजिक कार्यक्रमों की प्रगति पर भी ध्यान दिया जाएगा।
31 मार्च से खत्म होगा नक्सलवाद! लोकसभा में आज ‘नक्सल मुक्त भारत’ पर चर्चा #NaxalMuktBharat | #Naxalism | #LokSabha | #Chhattisgarh | #Bastar | #AntiNaxalOperation | Naxal Mukt bastar | Anti Naxal Operation | @ChhattisgarhCMO | @AmitShah | @BJP4India https://t.co/yHx7jKmUQe
— IBC24 News (@IBC24News) March 30, 2026
लोकसभा में इस बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अपना पक्ष रख सकते हैं और सरकार की रणनीति तथा नक्सलवाद समाप्त करने की समयसीमा पर प्रकाश डाल सकते हैं। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि उनका लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करना है। सांसदों को उम्मीद है कि अमित शाह इस बहस में नक्सल प्रभावित जिलों में किए जा रहे सुरक्षा और विकासात्मक उपायों के बारे में भी जानकारी देंगे। यह बहस न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा और विकास की दिशा में भी अहम मानी जा रही है।
इसके अलावा, 30 मार्च 2026 को लोकसभा में दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक 2025 पर भी चर्चा होने की संभावना है। सत्र में विधायी कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, और सांसद इस दौरान कानूनों में आवश्यक संशोधनों पर विचार करेंगे। इसके साथ ही, ‘नक्सल मुक्त भारत’ का मुद्दा भी मुख्य चर्चा का विषय रहेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बहस न केवल केंद्र सरकार की नक्सल विरोधी रणनीति को रेखांकित करेगी, बल्कि देश की सुरक्षा और सामाजिक विकास की दिशा में उठाए जा रहे कदमों को भी उजागर करेगी।
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