Naxalite Somanna Surrender: हरे जंगलों को खून से रंगने वाले कुख्यात नक्सली लीडर ‘सोमन्ना’ का सरेंडर.. DGP के सामने डाले हथियार, जानें कितना था इनाम

Ads

Naxalite Leader Somanna Surrender: कुख्यात नक्सली नेता सोमन्ना ने आंध्रप्रदेश में सरेंडर किया, सरकार को बड़ी सफलता, इनामी माओवादी ने डाले हथियार।

  •  
  • Publish Date - March 30, 2026 / 01:28 PM IST,
    Updated On - March 30, 2026 / 01:28 PM IST

Naxalite Somanna Surrender || Image- IBC24 News File

HIGHLIGHTS
  • कुख्यात नक्सली सोमन्ना ने किया सरेंडर
  • DGP के सामने डाले हथियार
  • नक्सल उन्मूलन में बड़ी सफलता

विजयवाड़ा: छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश से लाल आतंक यानि नक्सलवाद के खात्मे का डेडलाइन ख़त्म होने वाला है। (Naxalite Somanna Surrender) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे का ऐलान किया है। इस तरह इस डेडलाइन को महज एक दिन ही बाकी है।

एक दिन पहले बड़ी कामयाबी

वही नक्सलवाद के औपचारिक ऐलान से ठीक एक दिन पहले ही पुलिस और सरकार को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जानकारी के मुताबिक़ कुख्यात नक्सली चेल्लुरु नारायण राव उर्फ़ सोमन्ना ने आंध्रप्रदेश पुलिस के सामने हथियार समेत 8 दूसरे माओवादियों के साथ सरेंडर कर दिया है। 31 मार्च 2026 से एक दिन पहले हुए इस आत्मसमर्पण को नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। सूत्रों की माने तो सोमन्ना के आत्मसमर्पण के पीछे पहले सरेंडर कर चुके नक्सलियों का ही हाथ है।

कौन है कुख्यात नक्सली चेल्लुरु नारायण राव उर्फ़ सोमन्ना

उपलब्ध नक्सल जानकारी के मुताबिक़ सोमन्ना माओवादी संगठन का पुराना चेहरा रहा है। स्टेट कमेटी मेंबर सोमन्ना के कंधो पर आंध्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर की जिम्मेदारी थी। सोमन्ना केंद्रीय क्षेत्रीय समिति (सीआरसी) के अंतर्गत तीसरी कंपनी के कमांडर के रूप में काम कर रहा था। (Naxalite Somanna Surrender) अल्लूरी और सीताराम राजू जिलों में अलग-अलग मुठभेड़ों में शीर्ष माओवादी नेताओं गजरला रवि और अरुणा की मृत्यु के बाद सोमन्ना का नाम प्रमुखता से सामने आया था। वामपंथी उग्रवाद के गढ़ रहे एओबी क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों को बनाए रखने में उसकी बड़ी भूमिका थी।

आज नक्सल मुद्दे पर संसद में बड़ी चर्चा

बता दें कि, दिल्ली में लोकसभा में आज नक्सलवाद पर विशेष बहस होने जा रही है, जिसे लेकर संसद और आम जनता की नजरें टिकी हैं। इस बहस की शुरुआत सांसद श्रीकांत शिंदे करेंगे और वे सरकार के प्रयासों तथा रणनीति पर चर्चा करेंगे। केंद्र सरकार ने नक्सलवाद को देश से पूरी तरह खत्म करने को अपनी प्राथमिकता बताया है और इस मुद्दे पर व्यापक योजना तैयार की गई है। सांसदों के बीच उम्मीद है कि इस बहस के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा, विकास और सामाजिक कार्यक्रमों की प्रगति पर भी ध्यान दिया जाएगा।

लोकसभा में इस बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अपना पक्ष रख सकते हैं और सरकार की रणनीति तथा नक्सलवाद समाप्त करने की समयसीमा पर प्रकाश डाल सकते हैं। (Naxalite Somanna Surrender) केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि उनका लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करना है। सांसदों को उम्मीद है कि अमित शाह इस बहस में नक्सल प्रभावित जिलों में किए जा रहे सुरक्षा और विकासात्मक उपायों के बारे में भी जानकारी देंगे।

इन्हें भी पढ़ें:-

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर लगाया गोलाबारी करने का आरोप,नागरिक की मौत

पिकअप वाहन की चपेट में आने से मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों की मौत

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान वार्ता कराएगा: विदेश मंत्री इसहाक डार

बेंगलुरु (ग्रामीण) में मंदिर का प्रसाद खाने के बाद 60 से अधिक लोग बीमार

कांग्रेस का मोदी पर पलटवार, कहा- केरल को जब प्रधानमंत्री की जरूरत थी तब वह ‘नदारद’ रहे

Q1. सोमन्ना कौन था?

सोमन्ना एक कुख्यात माओवादी नेता और स्टेट कमेटी मेंबर था, जो सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था।

Q2. उसने कब और कहां सरेंडर किया?

उसने आंध्रप्रदेश में 31 मार्च 2026 से एक दिन पहले पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।

Q3. इस सरेंडर को क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है?

यह नक्सल उन्मूलन अभियान में बड़ी सफलता है, खासकर तय समयसीमा से ठीक पहले हुआ है।

शीर्ष 5 समाचार