कोलकाता, 22 सितंबर (भाषा) एनसीपीआई ने मंगलवार को अपने नए राष्ट्रीय संगठनात्मक ढांचे की घोषणा की, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के सात पूर्व सांसदों को महत्वपूर्ण पद दिए गए हैं। पार्टी में शामिल हुए अन्य नेताओं को भी जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिनमें पूर्व क्रिकेटर से नेता बने यूसुफ पठान, अभिनेता से नेता बने दीपक अधिकारी देव और रचना बनर्जी तथा जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया शामिल हैं।
नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) द्वारा घोषित 27 राष्ट्रीय पदाधिकारियों में से सात उन 20 पूर्व तृणमूल कांग्रेस सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल छोड़कर पार्टी का दामन थामा था। इसके साथ ही एनसीपीआई के नए संगठनात्मक ढांचे में इन पूर्व सांसदों की महत्वपूर्ण मौजूदगी हो गई है।
हालांकि, इस सूची में कुछ प्रमुख नाम शामिल नहीं हैं। बागी सांसदों के खेमे में प्रमुख भूमिका निभाने वाले तृणमूल के वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार को नए पदाधिकारियों की सूची में जगह नहीं दी गई है।
ये नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं, जब एनसीपीआई पश्चिम बंगाल में तृणमूल नेताओं और सांसदों के पार्टी में शामिल होने के बाद अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के 20 पूर्व सांसदों के खिलाफ दलबदल रोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराने की मांग वाली याचिकाएं भी लंबित हैं।
ज्योति प्रकाश चटर्जी को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस के छह पूर्व सांसदों को 27 सदस्यीय नए संगठनात्मक ढांचे में शीर्ष पदों पर जगह दी गई है। पठान, देव, अबू ताहेर खान, बसुनिया और बनर्जी के साथ चंद्रिमा पांजा को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के 27 में से 20 लोकसभा सदस्यों के पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को समर्थन देते हुए एनसीपीआई में शामिल होने के लगभग चार महीने बाद ये नियुक्तियां हुई हैं।
नए संगठनात्मक ढांचे में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसदों को संसद के बाहर भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। इसके साथ ही एनसीपीआई ने अपने राष्ट्रीय संगठन के लिए औपचारिक पदानुक्रम भी तय कर दिया है।
छह महासचिव भी नियुक्त किए गए हैं, जिनमें उत्तिया कुंडू, मिताली बाग, बापी हलदर, सुलेखा भूनिया, विवेक मिश्रा और शुभेंदु चक्रवर्ती शामिल हैं।
अभिषेक मुखर्जी, कल्लोल चक्रवर्ती, बप्पा सरदार, प्रबीर महाता, मृत्युंजय सिन्हा, पल्लब मुखर्जी, दिव्येंदु दास, बिप्लब देब, प्रदीप धर, सुस्मिता भूनिया, स्वाति गोस्वामी बोस और मोनालिशा खातून को सचिव नियुक्त किया गया है। स्वरूप जायसवाल को कोषाध्यक्ष और सुदाम जेट्टी को संयुक्त कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
भाषा आशीष दिलीप
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