कोलकाता, 17 अगस्त (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) में सफल एक छात्र के ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र जारी करने के अनुरोध पर तुरंत विचार करें।
छात्र ने दावा किया था कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में उसकी मां का नाम नहीं होने के कारण उसे प्रमाण-पत्र देने से इनकार कर दिया गया।
अदालत ने कहा कि एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिले के इच्छुक याचिकाकर्ता प्रियांशु मुखर्जी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में मतदान किया था।
न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने उत्तर 24 परगना के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को मुखर्जी के अनुरोध पर विचार करने और उचित आदेश पारित करने का निर्देश दिया।
अदालत ने निर्देश दिया कि अगर मुखर्जी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी के तहत पात्र पाया जाता है तो उसे सोमवार को ही प्रमाणपत्र जारी किया जाए।
मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी।
भाषा जोहेब सुरेश
सुरेश