नीट पेपर लीक मामला: दिल्ली की अदालत ने दो आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ाई

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नीट पेपर लीक मामला: दिल्ली की अदालत ने दो आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ाई

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  • Publish Date - July 8, 2026 / 04:36 PM IST,
    Updated On - July 8, 2026 / 04:36 PM IST

नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने नीट पेपर लीक मामले में कथित सरगना और एक कोचिंग सेंटर के संस्थापक समेत दो आरोपियों की न्यायिक हिरासत बुधवार को 11 जुलाई तक बढ़ा दी।

कथित सरगना पी. वी. कुलकर्णी और रेनुकाई करियर सेंटर (आरसीसी) के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को दोपहर में विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता के समक्ष पेश किया गया।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दोनों की न्यायिक हिरासत 11 जून तक बढ़ाने का अनुरोध किया, जिसे न्यायाधीश गुप्ता ने स्वीकार कर लिया।

महाराष्ट्र के लातूर निवासी कुलकर्णी रसायन विज्ञान के विशेषज्ञ हैं और कई वर्षों से नीट प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा रहे हैं। उन्हें पिछले महीने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में पुणे से गिरफ्तार किया गया था और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

मोटेगांवकर को मई में लातूर से गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी ने दावा किया कि तलाशी के दौरान उनके निजी मोबाइल फोन से तीन मई को हुई परीक्षा का लीक प्रश्नपत्र बरामद किया गया।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि वह नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक और उसके प्रसार में शामिल संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य थे और उन्होंने ‘अपने कोचिंग सेंटर के माध्यम से प्रश्नपत्र और उसके उत्तरों के प्रसार में अहम भूमिका निभाई।’

जांच एजेंसी ने इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, सभी न्यायिक हिरासत में हैं।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 12 मई को पेपर लीक के आरोपों के बीच मेडिकल प्रवेश के लिए तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) यानी नीट-यूजी को रद्द कर दिया था।

इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।

भाषा तान्या पवनेश

पवनेश