मोदी के खिलाफ कभी जातिवादी टिप्पणी नहीं की: मणिशंकर अय्यर

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मोदी के खिलाफ कभी जातिवादी टिप्पणी नहीं की: मणिशंकर अय्यर

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  • Publish Date - March 15, 2026 / 01:05 PM IST,
    Updated On - March 15, 2026 / 01:05 PM IST

जयपुर, 15 मार्च (भाषा) पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ जातिवादी टिप्पणी करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणियां मोदी के चरित्र को लेकर थीं, न कि उनकी जाति को लेकर।

नौकरशाह से नेता बने अय्यर ने कहा कि उन्हें अंग्रेजी बोलने के कारण ‘‘मैकॉले की औलाद’’ कहा जाता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री मोदी तमिल जानते हैं।

अय्यर ने अपने कथित पुराने बयानों संबंधी विवाद पर कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को कभी ‘‘नीची जाति’’ का नहीं कहा।

उन्होंने शनिवार शाम जयपुर में एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘मैंने उन्हें कभी ‘नीची जाति’ का व्यक्ति नहीं कहा। मैंने उनके चरित्र के संदर्भ में उन्हें ‘नीच किस्म के व्यक्ति’ कहा था। यह पूरी तरह अलग बात है।’’

अय्यर ने कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया और ऐसा दिखाया गया कि मानो वह मोदी की जाति पर टिप्पणी कर रहे हों।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने इसे जातिगत अपमान के रूप में प्रचारित किया क्योंकि अय्यर ब्राह्मण हैं।

पूर्व मंत्री ने अपनी इस कथित टिप्पणी पर विवाद का भी जिक्र किया कि ‘चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री नहीं बन सकता।’ अय्यर ने इसे भी गलत ठहराते हुए कहा कि उन्होंने कभी ऐसा बयान नहीं दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं कहा कि क्योंकि वह चाय बेचते थे, इसलिए प्रधानमंत्री नहीं बन सकते।’ अय्यर ने कहा कि उन्होंने ‘‘इतिहास के बारे में ज्ञान की कमी’ को लेकर मोदी की आलोचना की थी।

अय्यर के अनुसार, उन्होंने सवाल उठाया था कि उनकी नजर में जो व्यक्ति ऐतिहासिक तथ्यों को नहीं जानता, वह उस भूमिका में (प्रधानमंत्री) कैसे हो सकता है, जिसमें जवाहरलाल नेहरू रहे थे।

उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसे ऐतिहासिक बिंदुओं का जिक्र किया था, जैसे सिकंदर कभी पाटलिपुत्र तक नहीं पहुंचा और नालंदा भारत में है, जबकि तक्षशिला अब पाकिस्तान में है।

अय्यर ने कहा कि ये टिप्पणियां करने के बाद उन्होंने मजाक में कहा था कि यदि मोदी चुनाव हारने के बाद चाय बांटना चाहें तो उसकी व्यवस्था की जा सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें चायवाला किसने कहा? खुद मोदी ने ही कहा था कि वह चायवाले थे।’’

उन्होंने मोदी के इस दावे पर भी संदेह जताया कि उन्होंने अपने गृह नगर वडनगर में रेलवे प्लेटफार्म पर चाय बेची थी। अय्यर ने दावा किया कि 1973 तक उस शहर में रेलवे प्लेटफार्म था ही नहीं।

उन्होंने कहा कि ऐसे दावे और ‘‘भ्रामक बातें’’ मोदी के प्रधानमंत्री बनने में सहायक रहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि मुसलमानों के बारे में की गई टिप्पणियां देश में साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण का कारण बनीं।

भाषा बाकोलिया सिम्मी

सिम्मी