कोच्चि, 16 सितंबर (भाषा) केंद्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (सीएमएफआरआई) के वैज्ञानिकों ने अरब सागर के गहरे समुद्र में ‘कॉन्गर ईल’ की एक नयी प्रजाति की खोज की है और संस्थान के 80वें स्थापना दिवस के मौके पर इसका नामकरण संस्थान के नाम पर किया।
सीएमएफआरआई द्वारा बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, ‘एरियोसोमा सीएमएफ्रिएंस’ नाम की सर्पनुमा मछली की नयी प्रजाति इस साल जनवरी में कोल्लम के पास लगभग 300 मीटर की गहराई में पाई गई थी।
संस्थान निदेशक डॉ. ग्रिन्सन जॉर्ज ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि इससे भारत की समुद्री खोज को नया आयाम मिलेगा। इससे जैव विविधता के बारे में वैज्ञानिक समझ बेहतर होगी और संसाधनों के संरक्षण के लिए जरूरी शुरुआती जानकारी मिलेगी।’’
संस्थान ने बताया कि इस समुद्री जीव की पहचान एक अलग प्रजाति के तौर पर की गई।
संस्थान के अनुसार, विस्तृत जांच के जरिए इसके भारत और आस-पास के जलक्षेत्रों में पाई जाने वाली ‘एरियोसोमा’ की उन 12 प्रजातियों से अलग होने का पता चला, जिनके बारे में पहले से जानकारी उपलब्ध है।
सीएमएफआरआई की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रेखा जे. नायर ने कहा कि इस प्रजाति के वाणिज्यिक पहलू का पता विस्तृत अध्ययन के बाद ही चल पाएगा।
संस्थान ने कहा कि इस खोज के बारे में एक वैज्ञानिक शोध-पत्र अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘जूटैक्सा’ में प्रकाशित हुआ है।
भाषा सुभाष अमित
अमित