(श्रुति भारद्वाज)
नयी दिल्ली, 14 जून (भाषा) राजधानी के प्रमुख मंदिरों को जोड़ने वाले एक नए आध्यात्मिक पर्यटन परिपथ को शुरू करने की दिल्ली सरकार की योजना के तहत आगंतुक जल्द ही समर्पित पर्यटन बसों के माध्यम से अक्षरधाम से सदियों पुराने योगमाया मंदिर तक यात्रा कर सकेंगे। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) इस पहल के तहत दो विशेष बसें शुरू करने की योजना बना रहा है।
एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ये बसें एक सुव्यवस्थित मार्ग से होते हुए शहर के प्रमुख मंदिरों को आपस में जोड़ेंगी।
उन्होंने कहा कि पर्यटक विभाग के ‘देखो मेरी दिल्ली’ मंच के माध्यम से सीटों की बुकिंग कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि परियोजना फिलहाल निविदा (टेंडर) प्रक्रिया के चरण में है।
अधिकारी के अनुसार प्रस्तावित मार्ग में अक्षरधाम, बिरला मंदिर, भगवान वेंकटेश्वर (बालाजी) मंदिर, सीआर पार्क में स्थित काली बाड़ी मंदिर तथा महरौली में स्थित योगमाया मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल होंगे।
उन्होंने कहा, “बसें एक आध्यात्मिक स्थल से दूसरे आध्यात्मिक स्थल तक जाएंगी, जिससे आगंतुक एक ही यात्रा के माध्यम से अनेक धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे। जैसे-जैसे यह परिपथ विकसित होगा, इसमें और मंदिर भी जोड़े जा सकते हैं।”
विभाग की योजना शुरुआत में दो बसें चलाने और सेवा का विस्तार करने से पहले जनता की प्रतिक्रिया का आकलन करने की है। मार्ग और ऊंचाई संबंधी सीमाओं के कारण छोटी बसों का उपयोग किए जाने की संभावना है।
अधिकारी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य दिल्ली के पर्यटन विकल्पों को केवल विरासत स्थलों के भ्रमण से आगे बढ़ाकर विविधता प्रदान करना है।
भाषा जोहेब माधव
माधव