धर्मशाला, 13 जून (भाषा) अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज ने भारत के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में 51 गेंदों पर 102 रन की शानदार पारी खेलने के बाद अपनी सफलता का श्रेय भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की सलाह को दिया।
गुरबाज ने एचपीसीए स्टेडियम में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए आठ छक्के और आठ चौके लगाए तथा अपने एकदिवसीय करियर का नौवां शतक जड़ा। उनके अलावा अफगानिस्तान का कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों का सामना नहीं कर सका और पूरी टीम बारिश से प्रभावित 25-25 ओवर के मैच में 24.5 ओवर में 194 रन पर सिमट गई।
गुरबाज ने बताया कि कोलकाता नाइट राइडर्स में साथ रहने के दौरान बने संबंधों के कारण उन्होंने गौतम गंभीर से बातचीत की थी, जिसका उन्हें काफी फायदा मिला। यह बातचीत मुल्लांपुर में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में अफगानिस्तान की पारी और 300 रन की हार के बाद हुई थी।
गुरबाज ने कहा, ‘‘टेस्ट मैच के बाद मेरी गौतम गंभीर सर से बहुत अच्छी बातचीत हुई और उससे मुझे काफी मदद मिली। मैंने नेट सत्र में उनकी सलाह पर काम किया और इसके लिए मैं उनका आभारी हूं। मैंने उनसे कहा था कि मैं अपने शॉट चयन में सुधार करना चाहता हूं। उन्होंने कुछ सकारात्मक सुझाव दिए, जिन्हें मैं आज मैदान पर लागू कर सका।’’
उन्होंने कहा, “मेरा लक्ष्य सकारात्मक क्रिकेट खेलना था। हमें पता था कि यह 25 ओवर का मैच है, लेकिन मुझे अपने खेल पर भरोसा था। मैं सिर्फ टीम के लिए खेलना चाहता था और अपनी योजना पर कायम रहा।’’
गुरबाज ने कहा कि भारत में भारत के खिलाफ शतक लगाना उनके लिए बेहद खास है, लेकिन यह उनकी मेहनत और तैयारी का नतीजा है।
उन्होंने पिच के बारे में कहा, “तेज गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाजी अपेक्षाकृत आसान थी, लेकिन स्पिनरों के लिए पिच में काफी मदद थी। गेंद टर्न ले रही थी और स्पिनरों को सहायता मिल रही थी। यदि स्पिनर अच्छी गेंदबाजी करें तो वे मैच पर बड़ा असर डाल सकते हैं।”
भारत की ओर से पदार्पण कर रहे गेंदबाज गुरनूर बरार और हर्ष दुबे ने तीन-तीन विकेट लेकर अफगान बल्लेबाजी को झकझोर दिया जिससे टीम 200 रन के आंकड़े तक पहुंचने में नाकाम रही।
भाषा आनन्द नमिता
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