कानपुर (उप्र), नौ फरवरी (भाषा) कानपुर के बिठूर इलाके में एक ‘निजी नर्सिंग होम’ के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में एक ‘वार्मर’ मशीन में कथित तौर पर आग लगने से एक नवजात बच्ची की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
इस घटना के विरोध में बच्ची के परिजनों ने प्रदर्शन किया और चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
अधिकारियों ने बताया कि ब्रह्मनगर में राजा नर्सिंग होम की सघन देखभाल इकाई (आईसीयू) और एनआईसीयू को सील कर दिया गया है तथा व्यवस्था बनाए रखने के लिए नर्सिंग होम में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
परिवार के अनुसार बच्ची का जन्म रविवार को शाम करीब चार बजे हुआ था और उसे नियमित पर्यवेक्षण के लिए एनआईसीयू में रखा गया था, जबकि उसकी मां को वार्ड में भेज दिया गया था।
परिवार का कहना है कि कुछ घंटे बाद जिस ‘वार्मर’ पर बच्ची को रखा गया था, उसमें कथित तौर पर आग लग गई तथा बच्ची बुरी तरह जल गई एवं बाद में उसकी मौत हो गयी।
परिवार ने आरोप लगाया कि लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें घटना के बारे में फौरन जानकारी नहीं दी।
बच्ची के पिता अरुण निषाद ने अस्पताल पर लापरवाही बरतने और घटना को छिपाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा, ”हम अपनी बच्ची को देखना चाहते थे लेकिन डॉक्टर और अन्य अस्पतालकर्मी हमें टालते रहे। बाद में हमें आग के बारे में बताया गया।”
इस घटना से नाराज रिश्तेदारों ने अस्पताल के अंदर विरोध प्रदर्शन किया और एनआईसीयू के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने मामले को रफा—दफा करने के लिए दो लाख रुपये देने की पेशकश की।
हालांकि इस दावे की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।
हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसने स्थिति को नियंत्रण में किया।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रमित रस्तोगी ने कहा कि आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है।
उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं और नतीजों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारी अशोक सरोज ने बताया कि शिकायत मिली है और मामला दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है।
भाषा सं. सलीम राजकुमार
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