एनजीटी ने जुर्माना वसूलने में लापरवाही को लेकर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फटकारा

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एनजीटी ने जुर्माना वसूलने में लापरवाही को लेकर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फटकारा

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  • Publish Date - August 18, 2026 / 10:11 PM IST,
    Updated On - August 18, 2026 / 10:11 PM IST

नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) को कचरा प्रबंधन नियमों का उल्लंघन करने के लिए जालंधर नगर निगम से 8.4 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूलने में लापरवाही बरतने को लेकर फटकार लगाई है।

अधिकरण जालंधर जिले के वारियाना गांव में कचरा निपटान स्थल पर अवैज्ञानिक तरीके से कचरा फेंकने और वहां जमा हुए पुराने कचरे के ढेर से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहा था।

एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने 12 अगस्त को दिये गये फैसले में कहा कि पीपीसीबी ने एक रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें कहा गया है कि ठोस कचरा प्रबंधन नियमों का पालन न करने के लिए जालंधर नगर निगम पर 9.3 करोड़ रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है। इस आदेश की प्रति मंगलवार को उपलब्ध कराई गई।

आदेश में कहा गया है कि कुल जुर्माने की रकम में से, स्थानीय प्रशासन ने पंजाब निगम अवसंरचना विकास कंपनी के ज़रिये सिर्फ़ 90 लाख रुपये जमा किए हैं।

अधिकरण ने कहा, ‘‘आठ करोड़ 40 लाख रुपये की वसूली अब भी बाकी है, लेकिन प्रतिवादी संख्या-पांच (पीपीसीबी) के जवाब से इस रकम को वसूलने की किसी गंभीर कोशिश का पता नहीं चलता है।’’

अधिकरण ने बोर्ड के वकील की इस बात का संज्ञान लिया कि दो हफ़्ते के अंदर उपायुक्त को एक सूचना भेजी जाएगी, ताकि बचा हुआ जुर्माना ‘ज़मीन के लगान की बकाया राशि’ के तौर पर वसूला जा सके।

एनजीटी ने बोर्ड को यह भी निर्देश दिया कि वह संबंधित स्थल पर मौजूद पुराने कचरे की मात्रा का पता लगाने के लिए मौके पर जांच करे।

इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को तय की गयी है।

भाषा

सुरेश पवनेश

पवनेश