नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) सरकार ने सोमवार को कहा कि उसने देश में उन गाड़ियों के अनुपात का आकलन नहीं किया है जो ई-20 पेट्रोल के साथ पूरी तरह से अनुकूल हैं। लेकिन उसने यह भी कहा कि व्यापक अध्ययन और सड़क परीक्षण में यह पाया गया है कि यह ईंधन तय मानक के तहत इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है।
राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा, ‘‘भारी उद्योग मंत्रालय ने बताया है कि उसने ई-20 ईंधन (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) के साथ अभी अनुकूल गाड़ियों के प्रतिशत का ऐसा कोई आकलन नहीं किया है।’’
मंत्री ने कहा कि इथनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम को नीति आयोग, ऑटोमोबाइल विनिर्माता, तेल विपणन कंपनियों, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (आईआईपी) और दूसरे तकनीकी संस्थानों को शामिल करते हुए एक चरणबद्ध और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित प्रक्रिया के जरिए लागू किया गया था।
उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रयोगशाला अध्ययनों और सड़क परीक्षण में पुष्टि हुई है कि ई-20 इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है।
उन्होंने कहा, ‘‘इन अध्ययनों से यह भी पता चला है कि ई-20 की वजह से पुरानी गाड़ियों के प्रदर्शन में कोई खास बदलाव या असामान्य टूट-फूट नहीं दिखती है।’’
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राजेश अविनाश
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