श्रीनगर, 16 जुलाई (भाषा) जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य के दर्जे की बहाली में कथित देरी के विरोध में उनकी पार्टी द्वारा 20 जुलाई को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन की योजना में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, अब्दुल्ला ने कहा कि प्रदर्शन स्थल या प्रदर्शन के तरीके में बदलाव किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदर्शन की अनुमति मिलने में देरी को न तो साजिश बताया और न ही इसे मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया।
अब्दुल्ला ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘मैं इसमें नहीं पड़ूंगा कि यह साजिश है, ध्यान भटकाने की कोशिश है या कुछ और। आप और हम दोनों इसे समझते हैं। हमारा कार्यक्रम नहीं बदलेगा। स्थल या तरीका बदल सकता है, लेकिन दिल्ली जाने का कार्यक्रम नहीं बदलेगा।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी किसी कोने में छिपकर प्रदर्शन नहीं करेगी।
उन्होंने कहा, ‘अगर ऐसा होता तो हम अपने घर के लॉन में ही प्रदर्शन कर लेते। लेकिन हम दिल्ली जाएंगे और वहां किसी न किसी तरीके से अपनी आवाज उठाएंगे। इसके बाद देखेंगे कि भविष्य में क्या करना है।’
सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने घोषणा की है कि वह संसद के मानसून सत्र के पहले दिन (20 जुलाई को) जंतर-मंतर पर धरना देगी। इसका मकसद केंद्र सरकार को जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के उसके वादे की ‘याद दिलाना’ है।
भाषा
शुभम पवनेश
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