कम अल्कोहल वाले पेय पर कर में कटौती के प्रस्ताव को लेकर सरकार में मतभेद नहीं: चेन्निथला

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कम अल्कोहल वाले पेय पर कर में कटौती के प्रस्ताव को लेकर सरकार में मतभेद नहीं: चेन्निथला

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  • Publish Date - June 22, 2026 / 03:14 PM IST,
    Updated On - June 22, 2026 / 03:14 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 22 जून (भाषा) केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने सोमवार को उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कम अल्कोहल वाले पेय पदार्थों पर कर में कटौती करने के बजट प्रस्ताव को लेकर यूडीएफ सरकार के भीतर मतभेद उत्पन्न होने की बात कही गई है।

उन्होंने कहा कि बजट में कर से जुड़े फैसले गोपनीय होते हैं और उन पर पहले से चर्चा नहीं की जा सकती।

वह उन खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिनमें कहा गया था कि बजट में कम अल्कोहल वाले पेय पदार्थ पर कर कम करने की घोषणा से पहले मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने आबकारी मंत्री एम लिजू से सलाह नहीं ली थी।

चेन्निथला ने कहा कि बजट में कर से जुड़े मामलों को वित्त मंत्री गोपनीय तरीके से संभालते हैं और बजट पेश होने तक इस प्रक्रिया में केवल मुख्यमंत्री ही शामिल होते हैं।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘यहां मुख्यमंत्री ही वित्त मंत्री भी हैं। बजट में कर बढ़ाने या घटाने के फैसले गोपनीय होते हैं। अगर ऐसे मामलों को पहले ही दूसरों के साथ साझा किया जाता है, तो यह बजट लीक माना जाएगा।’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि जरूरत पड़ने पर भविष्य में प्रस्ताव में बदलाव किए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर किसी बदलाव की जरूरत हो तो चर्चा हो सकती है। बजट पर चर्चा के दौरान उठाए गए मुद्दों पर विचार किया जा सकता है और सरकार उचित फैसला ले सकती है।’’

जब उनसे पूछा गया कि संबंधित मंत्री के साथ इस मामले पर चर्चा क्यों नहीं की गई, तो चेन्निथला ने दोहराया कि बजट प्रस्तावों का खुलासा पहले से नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा, ‘‘शराब नीति की घोषणा अभी बाकी है। आप किसी से भी पूछ लें, बजट में कर प्रस्तावों के बारे में पहले से कुछ उजागर नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसे बजट का लीक होना माना जाएगा।’’

चेन्निथला ने कहा कि वे किसी भी तरह की शराब की बिक्री के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन स्पष्ट किया कि चर्चा का विषय बजट प्रस्ताव से जुड़ा था।

उन्होंने कहा, ‘‘आपने बजट प्रस्ताव के बारे में पूछा। यह एक गोपनीय दस्तावेज है और इसे तभी उजागर किया जाता है जब इसे विधानसभा में पेश किया जाता है। सरकार कर बढ़ाने या घटाने का फैसला कर सकती है और बजट पेश होने के बाद उन मामलों पर चर्चा की जा सकती है।’’

भाषा संतोष नरेश

नरेश