ड्रीमलाइनर के ईंधन नियंत्रण स्विच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली: सरकार

ड्रीमलाइनर के ईंधन नियंत्रण स्विच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली: सरकार

ड्रीमलाइनर के ईंधन नियंत्रण स्विच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली: सरकार
Modified Date: July 29, 2026 / 06:01 pm IST
Published Date: July 29, 2026 6:01 pm IST

नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) सरकार ने बुधवार को बताया कि बोइंग कंपनी ने ड्रीमलाइनर विमान के ईंधन नियंत्रण स्विच ‘‘लॉकिंग सिस्टम’’ की विस्तृत जांच की और इसमें कोई असामान्यता नहीं पाई गई।

यह जांच इस साल फरवरी में लंदन हीथ्रो-बेंगलुरु उड़ान संचालन के बाद एयर इंडिया के एक पायलट द्वारा इस प्रणाली में संभावित समस्या की ओर ध्यान दिलाने के बाद कराई गई थी।

एक एयर इंडिया पायलट ने दो फरवरी को उड़ान संख्या एआई132 के संचालन के बाद बोइंग 787-8 विमान के ईंधन नियंत्रण स्विच में खराबी की सूचना दी थी। लंदन से बेंगलुरु पहुंचने के बाद एयरलाइन ने जांच के लिए इस विमान को सेवा से हटा दिया था।

इस घटना के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बोइंग को ईंधन नियंत्रण स्विच लॉकिंग प्रणाली की जांच करने का निर्देश दिया था।

नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा को एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि डीजीसीए ने सिएटल में मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) स्तर पर ईंधन नियंत्रण स्विच लॉकिंग प्रणाली की जांच कराने का निर्देश दिया था।

मंत्री ने कहा, ‘‘ईंधन नियंत्रण स्विच की विस्तृत जांच की गई, जिसमें स्विच के डिटेंट्स (लॉकिंग तंत्र) की संरचनात्मक मजबूती भी शामिल थी। जांच में कोई असामान्यता नहीं पाई गई। हालांकि, ओईएम सुविधा में पूरे ‘थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल’ की आगे की जांच जारी है।’’

मोहोल से विमान को जांच के लिए फरवरी 2026 में जमीन पर उतारे जाने के बाद डीजीसीए द्वारा सिएटल में कराए गए ईंधन नियंत्रण स्विच लॉकिंग तंत्र के परीक्षण के परिणामों से जुड़े सवाल पूछे गए थे।

इससे पहले एयर इंडिया के एक पायलट द्वारा ड्रीमलाइनर के ईंधन नियंत्रण स्विच में संभावित समस्या बताए जाने के बाद एयरलाइन के प्रवक्ता ने चार फरवरी को कहा था कि कंपनी ने अपने बेड़े में शामिल सभी बोइंग 787 विमानों में ईंधन नियंत्रण स्विच (एफसीएस) की एहतियाती दोबारा जांच पूरी कर ली है और इनमें कोई समस्या नहीं मिली।

ड्रीमलाइनर विमानों में ईंधन नियंत्रण स्विच की कार्यप्रणाली पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद हुए एयर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान हादसे के बाद चर्चा में रही है। लंदन गैटविक जा रहे इस विमान दुर्घटना में कुल 260 लोगों की मौत हुई थी।

विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने पिछले साल 12 जुलाई को जारी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा था कि उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दोनों इंजनों को ईंधन की आपूर्ति एक सेकंड के अंतराल में बंद हो गई थी, जिससे कॉकपिट में भ्रम की स्थिति पैदा हुई।

रिपोर्ट में कहा गया था, ‘‘कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता सुनाई देता है कि उसने ईंधन आपूर्ति क्यों बंद की। दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया।’’

मोहोल ने लिखित जवाब में कहा कि जांच में कोई देरी नहीं हो रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘बड़े विमान हादसे की जांच की समयसीमा पहले से तय नहीं की जा सकती, क्योंकि यह कई कारकों पर निर्भर करती है और इसमें कई बदलावों के साथ प्रक्रिया आगे बढ़ती है। जांच जारी है और हादसे के संभावित सभी कारणों तथा योगदान देने वाले कारकों की पड़ताल की जा रही है।’’

मंत्री राज्यसभा सदस्य जेबी माथेर हीशम के उस सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें एएआईबी की अंतिम रिपोर्ट जारी होने में देरी के कारणों के बारे में पूछा गया था।

एएआईबी ने 12 जून को एआई171 विमान हादसे की जांच पर जारी अंतरिम बयान में कहा था कि जांच में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और सभी जांच गतिविधियां पूरी होने, आवश्यक अंतरराष्ट्रीय समीक्षा तथा परामर्श प्रक्रियाओं के बाद अंतिम रिपोर्ट जारी की जाएगी।

भाषा मनीषा अविनाश

अविनाश


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