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बारामती, 31 जनवरी (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दिवंगत नेता अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने संबंधी खबरों के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने इस घटनाक्रम से स्वयं को अलग करते हुए शनिवार को कहा कि उन्हें इसकी ‘‘कोई जानकारी नहीं’’ है।
शरद पवार ने बारामती में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राकांपा के गुटों को एकजुट करना उनके दिवंगत भतीजे अजित पवार की इच्छा थी और वे इसे लेकर आशावादी थे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या पवार परिवार से कोई शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होगा तो उन्होंने कहा, ‘‘हमें शपथ ग्रहण के बारे में पता नहीं है। हमें खबरों से इसकी जानकारी मिली। शपथ ग्रहण के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि यह फैसला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने ही लिया होगा और इस संबंध में उनसे कोई चर्चा नहीं की गई थी।
शरद पवार ने कहा, ‘‘मुझे शपथ ग्रहण समारोह की जानकारी नहीं है। मुझे यह भी नहीं पता था कि यह आज होने वाला है। शपथ ग्रहण समारोह के बारे में मुझसे कोई चर्चा नहीं हुई। शायद उनकी पार्टी (राकांपा) ने यह फैसला किया होगा। प्रफुल्ल पटेल एवं सुनील तटकरे के नाम सामने आए हैं और पता चला है कि उन्होंने पहल की है। हो सकता है कि उन्होंने पार्टी के भीतर ही यह फैसला किया हो।’’
राकांपा (शप) प्रमुख ने कहा कि सत्तारूढ़ दल को शायद लगा होगा कि अजित पवार के निधन के बाद किसी को यह पद संभालना चाहिए।
राकांपा के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया था कि राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा के शनिवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है और वह मंत्रिमंडल में अजित पवार की जगह लेंगी।
अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में विमान हादसे में मौत के बाद राकांपा नेताओं के एक समूह ने मांग की थी कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में पवार के पास रहा पद उनकी पत्नी को दिया जाए।
शरद पवार ने दावा किया कि अजित पवार और राकांपा (शप) नेता जयंत पाटिल पिछले चार महीनों से बातचीत कर रहे थे और विचार-विमर्श का नेतृत्व कर रहे थे लेकिन दुर्घटना ने इस प्रक्रिया को बाधित कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अजित को वापस नहीं ला सकते। हमने उन्हें खो दिया है। अब हमें देखना होगा कि इस स्थिति में क्या किया जाए।’’
शरद पवार ने कहा कि दोनों गुटों के साथ मिलकर काम करने पर सहमति बन गई थी और यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘विलय पर निर्णय की घोषणा 12 फरवरी को होनी थी। अजित ने यह तारीख दी थी लेकिन दुर्भाग्यवश यह दुर्घटना हो गई।’’
जब उनसे पूछा गया कि क्या उपमुख्यमंत्री पद के लिए सुनेत्रा पवार का नाम प्रस्तावित किए जाने से पहले उन्हें विश्वास में लिया गया था तो शरद पवार ने कहा, ‘‘किस तरह का विश्वास? उनकी पार्टी अलग है। हमारी पार्टी अलग है।’’
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने घटनाक्रम में भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) की संलिप्तता के बारे में किसी भी तरह की जानकारी होने से भी इनकार किया।
विमान हादसे को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर शरद पवार ने कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने जांच शुरू कर दी है और वह सभी पहलुओं की पड़ताल करेगा।
भाषा सिम्मी गोला
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