आइजोल, 29 जून (भाषा) मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की संभावना से इनकार करते हुए सोमवार को कहा कि उनके मंत्री अब अपने-अपने विभागों में पूरी तरह से स्थापित हो चुके हैं और व्यापक बदलाव की फिलहाल कोई आवश्यकता नहीं है।
लालदुहोमा ने जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार के पांच वर्षीय कार्यकाल का आधा समय पूरा होने के साथ ही मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की अटकलें लगाई जा रही थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘कई लोगों को इस समय बड़े फेरबदल की उम्मीद थी, लेकिन हमारे मंत्री कड़ी मेहनत कर रहे हैं और अब जाकर अपने-अपने विभागों में पूरी तरह स्थापित हुए हैं। इसलिए हमें बड़े फेरबदल की जरूरत नहीं दिखती।’’
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब कुछ दिन पहले उन्होंने मंत्री के. सपदांगा से कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग अपने पास ले लिया था। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच मतभेद की अटकलें लगाई जाने लगी थीं।
लालदुहोमा ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पहले ही जेडपीएम की राजनीतिक मामलों की समिति की सिफारिश के आधार पर लिया गया था और इसका किसी भी प्रकार के आंतरिक मतभेद से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए अब तक लगभग 10 छोटे प्रशासनिक बदलाव कर चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर ऐसे बदलाव आगे भी किए जाते रहेंगे।
जेडपीएम को ‘जन आंदोलन’ बताते हुए लालदुहोमा ने कहा कि सरकार को हमेशा जनता को शासन का केंद्रबिंदु बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस सरकार के गठन के लिए अथक मेहनत की, लेकिन हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि जनता ने हम पर भरोसा किया, हमारे लिए प्रार्थना की और हमें जनादेश दिया।’’
उन्होंने कहा कि नागरिकों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सरकार के कामकाज का आकलन व्यक्तिगत अपेक्षाओं के बजाय उसकी नीतियों और सुशासन के आधार पर करने का आग्रह किया।
लालदुहोमा ने कहा कि कार्यकाल का आधा हिस्सा पूरा होने के बावजूद भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने, संस्थागत सुधार और सुशासन को मजबूत करने के क्षेत्र में सरकार के सामने अब भी काफी काम बाकी है।
लालदुहोमा ने बताया कि सरकार ने ‘विकसित भारत’ के रोडमैप के अनुरूप ‘विकसित मिजोरम 2047’ दृष्टि दस्तावेज तैयार किया है। इसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में मिजोरम का कम से कम एक प्रतिशत योगदान सुनिश्चित करना है।
भाषा रवि कांत रवि कांत अविनाश
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