नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि सरकार को देशभर में रैबीज-रोधी टीके (एआरवी) की कमी का संकेत देने वाली कोई खबर नहीं मिली है।
नड्डा ने कहा कि हालांकि, बढ़ती मांग, खरीद में देरी या आपूर्ति शृंखला संबंधी समस्याओं के कारण कुछ स्वास्थ्य केंद्रों में अस्थायी स्थानीय कमी हो सकती है, और ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारें उपलब्ध स्टॉक का पुनर्वितरण, आपातकालीन खरीद और आपूर्ति शृंखला प्रबंधन को मजबूत करके कदम उठाती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एआरवी और रैबीज इम्युनोग्लोबुलिन (आरआईजी) की खरीद, वितरण और इनकी लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने की मुख्य जिम्मेदारी संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों की है।
नड्डा ने कहा, ‘‘भारत सरकार को देशभर में रैबीज-रोधी टीके की कमी का संकेत देने वाले कोई खबर नहीं मिली है।’’
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ समय-समय पर समीक्षा बैठकों के माध्यम से राष्ट्रीय रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा करती रहती है।
एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में नड्डा ने कहा कि रैबीज-रोधी टीके लगवाने वाले लोगों की संख्या को केंद्रीय स्तर पर दर्ज नहीं रखा जाता।
भाषा वैभव मनीषा
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