डूसू चुनाव के नतीजों के बाद कोई विजय जुलूस नहीं निकाला जाये: दिल्ली उच्च न्यायालय

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डूसू चुनाव के नतीजों के बाद कोई विजय जुलूस नहीं निकाला जाये: दिल्ली उच्च न्यायालय

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  • Publish Date - September 18, 2026 / 03:36 PM IST,
    Updated On - September 18, 2026 / 03:36 PM IST

नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को आदेश दिया कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद कोई विजय जुलूस नहीं निकाला जायेगा।

अदालत ने सभी छात्र संगठनों और उम्मीदवारों से यह भी बताने को कहा कि चुनाव अभियान के दौरान हुए नुकसान के लिए उन पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने यह निर्देश देते हुए कहा कि डूसू चुनाव के दौरान लिंगदोह समिति की सिफारिशों का बार-बार और खुले तौर पर उल्लंघन किया गया।

शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के परिसरों में मतदान जारी है।

अदालत ने कहा, ‘‘छात्रों, उम्मीदवारों और छात्र संगठनों की ओर से बार-बार किये गये उल्लंघनों को देखते हुए, हम न केवल नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों, बल्कि छात्र संगठनों पर भी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव रखते हैं।’’

अदालत ने कहा, ‘‘छात्र संगठन और छात्र यह बताते हुए अपना जवाब दाखिल करेंगे कि आर्थिक दंड का भार उन पर क्यों नहीं डाला जाना चाहिए।’’

इसने कहा, ‘‘पिछले अनुभवों को देखते हुए, हम निर्देश देते हैं कि उम्मीदवारों, छात्रों, समर्थकों या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से नतीजे घोषित होने के बाद न केवल दिल्ली की सड़कों पर, बल्कि परिसरों और छात्रावासों के भीतर भी कोई विजय जुलूस नहीं निकाला जायेगा।’’

अदालत ने यह भी कहा कि किसी भी विजय जुलूस को नहीं निकलने देना दिल्ली पुलिस की जिम्मेदारी होगी। इसने कहा कि अधिकारियों को कोई भी कार्रवाई करने में ‘‘संकोच’’ नहीं करना चाहिए, भले ही वे ‘‘छात्र’’ हों।

पीठ ने कहा कि इस आदेश का उल्लंघन करने पर आपराधिक और प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ अदालत की अवमानना की कार्यवाही भी की जायेगी।

अदालत ने दोहराया कि लिंगदोह समिति की रिपोर्ट और डूसू चुनाव कराने को लेकर उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेशों का उल्लंघन न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव कदम और उपाय करना पुलिस तथा दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है।

अदालत अधिवक्ता प्रशांत मनचंदा की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि बुधवार को कुछ लोगों ने दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस क्षेत्र को बाधित कर दिया और प्रोफेसरों तथा छात्रों के साथ मारपीट की गई।

डूसू चुनाव से संबंधित मनचंदा की याचिका अदालत में लंबित है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें शिक्षकों और छात्रों की ओर से संदेश मिले, जिनमें कहा गया था कि ‘‘बंदूकों का इस्तेमाल किया गया है और पूरे परिसर पर एक तरह से कब्जा कर लिया गया है’’।

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को अदालत को बताया कि उसने कानून के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की है, जिसमें प्राथमिकी दर्ज करना और कुछ छात्रों को गिरफ्तार करना शामिल है।

भाषा

देवेंद्र नरेश

नरेश