सीबीआई जांच में असहयोग का मामला: न्यायालय ने अरुणाचल के शीर्ष अधिकारियों को पेश होने को कहा

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सीबीआई जांच में असहयोग का मामला: न्यायालय ने अरुणाचल के शीर्ष अधिकारियों को पेश होने को कहा

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  • Publish Date - August 3, 2026 / 08:59 PM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 08:59 PM IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के उस दावे के बाद सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव और प्रधान सचिव (गृह) से जवाब मांगा, जिसमें कहा गया था कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री पेमा खांडू के रिश्तेदारों की कंपनियों को ठेके देने के मामले की जांच में ‘‘सहयोग नहीं’’ कर रही है।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने सीबीआई की वस्तुस्थिति रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए अरुणाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव और प्रधान सचिव (गृह) को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा।

पीठ ने कहा कि ये दोनों अधिकारी 24 अगस्त को शीर्ष अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होंगे और यह स्पष्ट करना होगा कि राज्य सरकार द्वारा सहयोग क्यों नहीं किया जा रहा है।

पीठ ने टिप्पणी की, ‘‘सीबीआई की वस्तुस्थिति रिपोर्ट को देखने से पता चलता है कि आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में राज्य सरकार की ओर से असहयोग किया जा रहा है…।’’

शीर्ष अदालत ने छह अप्रैल को सीबीआई को दो सप्ताह के भीतर एक प्रारंभिक जांच (पीई) का निर्देश दिया था। यह जांच अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री खांडू के परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली या उनसे संबंधित कंपनियों को सार्वजनिक निर्माण के ठेके देने के आरोपों से जुड़ी है।

न्यायालय ने अरुणाचल प्रदेश सरकार और उससे जुड़े सभी विभागों, प्राधिकरणों और संस्थाओं को सीबीआई के साथ पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया था।

पीठ ने सोमवार को सीबीआई की ओर से दाखिल वस्तुस्थिति रिपोर्ट की पड़ताल की।

सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने कहा कि एजेंसी ने जांच पूरी करने के लिए और समय मांगा है तथा राज्य के अधिकारी इसमें सहयोग नहीं कर रहे हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘हम मुख्य सचिव को तलब करेंगे।’’ पीठ ने यह भी सवाल किया कि अगर सहयोग नहीं मिल रहा था, तो इतनी ढील क्यों दी गई।

सीबीआई की वस्तुस्थिति रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए पीठ ने कहा कि जांच एजेंसी ने कुछ कमियों की ओर इशारा किया है। पीठ ने विधि अधिकारी से पूछा, ‘‘नियमित मुकदमा (आरसी) दर्ज करने के लिए आपको और क्या चाहिए?’’

पीठ ने कहा कि एजेंसी ने राज्य के अधिकारियों से कुछ जानकारी मांगी थी, जो उन्होंने नहीं दी है।

न्यायालय ने कहा, ‘‘हमने सीबीआई की 17 जुलाई, 2026 की वस्तुस्थिति रिपोर्ट देखी है। इसे देखने से पता चलता है कि जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में राज्य सरकार सहयोग नहीं कर रही है..।’’ पीठ ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव और प्रधान सचिव (गृह) को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा।

मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 अगस्त की तारीख तय करते हुए पीठ ने कहा, ‘‘दोनों अधिकारी सीबीआई की रिपोर्ट पर अपने जवाब के साथ इस अदालत के सामने पेश हों और यह भी बताएं कि सहयोग क्यों नहीं किया जा रहा है तथा न्यायालय के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया।’’

यह फैसला गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘सेव मोन रीजन फेडरेशन’ और ‘वॉलंटरी अरुणाचल सेना’ द्वारा दायर एक याचिका पर आया, जिसमें इस मामले की सीबीआई या विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने का अनुरोध किया गया था।

भाषा सुरेश अविनाश

अविनाश