नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने यूजीसी-नेट के तीन प्रश्नपत्रों में त्रुटियों को लेकर सोमवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 को खत्म करने की मांग की तथा आरोप लगाया कि इन घटनाओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था में गहराई तक व्याप्त खामियों को एक बार फिर उजागर किया है।
माकपा पोलित ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि ताजा घटनाक्रम ने एनटीए की परीक्षाएं आयोजित करने की ‘‘अक्षमता’’ को उजागर किया है।
वामपंथी पार्टी ने एनटीए के साथ-साथ एनईपी को भी खत्म करने की अपनी मांग दोहराई और इसे शिक्षा व्यवस्था में गिरावट का ‘‘मूल कारण’’ बताया।
उसने आरोप लगाया कि नई शिक्षा नीति के कथित दुष्परिणामों को दूर करने के बजाय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने वालों को निशाना बना रहे हैं।
माकपा ने पश्चिम बंगाल में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के स्वयंसेवक शेख अब्दुल हफीज के पिता जनाब माफिक की मौत की भी निंदा की। पार्टी के अनुसार, माफिक पर उनके घर में कथित तौर पर हमला किया गया था और बाद में उनकी मौत हो गई।
आरोप है कि उनके बेटे के एक स्कूल में बुनियादी ढांचे की कमियों को दर्ज करने के लिए जाने के बाद यह घटना हुई।
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