वाराणसी (उप्र), 28 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंगलवार को ‘महिला सम्मेलन’ में शामिल होकर लौटने के बाद नर्सिंग की कुछ छात्राएं खराब व्यवस्था का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गईं।
प्रदर्शन कर रही उपकार नर्सिंग होम की नर्सिंग की छात्राओं ने बताया कि आज अस्पताल प्रशासन द्वारा उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में ले जाया गया था। छात्राओं का कहना है कि कार्यक्रम में ले जाने के लिए उन्हें भीषण गर्मी में दोपहर एक बजे ही बुला लिया गया था जबकि उन्हें चार बजे बस से बरेका मैदान ले जाया गया।
छात्राओं का आरोप है कि लौटते समय उन्हें पैदल ही छोड़ दिया गया जिससे भीषण धूप की वजह से कई लड़कियों को चक्कर आ गए और वह रास्ते में ही गिर गईं।
इसके बाद छात्राओं ने सुंदरपुर-लंका मार्ग पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्राओं ने कहा कि खराब प्रबंधन से परेशान होकर उन्होंने यह धरना प्रदर्शन किया है।
हालांकि बाद में प्रशासन के अधिकारियों द्वारा समझाए जाने पर छात्राओं ने धरना समाप्त कर दिया।
वहीं पुलिस उपायुक्त गौरव बंसवाल ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में खराब प्रबंधन के आरोपों को गलत बताया है।
बंसवाल ने बताया कि देर शाम सूचना मिली थी कि उपकार अस्पताल में नर्सिंग की कुछ छात्राएं धरना प्रदर्शन कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि इसी आधार पर प्रशासन की टीम आई और छात्राओं से वार्ता की जिसमें पता चला कि कॉलेज प्रशासन ने उनके काम करने की स्थिति को बहुत ही कठिन बना दिया है।
बंसवाल ने दावा किया कि छात्रों के अभिभावकों ने भी बताया कि अस्पताल का प्रबंधन छात्राओं के किसी भी प्रकार की समस्याओं को सुनता नहीं है और न ही उसके समाधान की कोशिश करता है।
उन्होंने कहा कि कई सोशल मीडिया चैनलों द्वारा यह बताया गया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में खराब प्रबंधन की वजह से छात्राएं धरना प्रदर्शन कर रही हैं, जो कि सरासर गलत है।
प्रधानमंत्री मोदी उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। अपनी इस यात्रा के पहले दिन उन्होंने वाराणसी में 6300 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया।
भाषा सं सलीम शोभना
शोभना