ओडिशा ने शीर्ष पुलिस अधिकारी खुरानिया की सेवानिवृत्ति से पहले एडीजी पांडा और जेठवा को मिली पदोन्नति

ओडिशा ने शीर्ष पुलिस अधिकारी खुरानिया की सेवानिवृत्ति से पहले एडीजी पांडा और जेठवा को मिली पदोन्नति

ओडिशा ने शीर्ष पुलिस अधिकारी खुरानिया की सेवानिवृत्ति से पहले एडीजी पांडा और जेठवा को मिली पदोन्नति
Modified Date: August 10, 2026 / 04:26 pm IST
Published Date: August 10, 2026 4:26 pm IST

भुवनेश्वर, 10 अगस्त (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को राज्य के नए पुलिस प्रमुख के चयन से पहले भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1994 बैच के दो अधिकारियों – संजीव पांडा और यशवंत कुमार जेठवा – को महानिदेशक के पद पर पदोन्नत करने की मंजूरी दे दी। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया, “संजीव पांडा और यशवंत कुमार जेठवा को पुलिस महानिदेशक (डीजी) के पद पर पदोन्नत किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस पदोन्नति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।”

सूत्रों के मुताबिक, विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) ने पहले ही दो अधिकारियों के नामों की सिफारिश की थी, जो अभी अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) हैं, जिससे उन्हें डीजी रैंक पर पदोन्नत किया जा सके।

ये पदोन्नति इसलिए अहम हैं, क्योंकि मौजूदा पुलिस प्रमुख वाई.बी. खुरानिया का दो साल का पूरा कार्यकाल 16 अगस्त को खत्म होने वाला है।

सूत्रों के मुताबिक, पांडा को डीजीपी पद के लिए सबसे आगे माना जा रहा है, हालांकि 1990 बैच के सबसे वरिष्ठ अधिकारी सुधांशु सारंगी (जो अभी डीजी, अग्निशमन सेवाएं हैं) और 1993 बैच के अधिकारी आरपी कोचे (जो निदेशक, आसूचना हैं) भी इस दौड़ में शामिल हैं।

सूत्रों के मुताबिक, पांडा अभी नक्सल-विरोधी अभियानों की कमान संभाल रहे हैं और मार्च 2026 तक भारत को नक्सल-मुक्त बनाने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लक्ष्य को पूरा करने में ओडिशा पुलिस की कामयाबी से उनकी संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।

उन्होंने बताया कि पांडा के बैचमेट जेठवा अभी सतर्कता निदेशक हैं और राज्य सरकार के भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है।

सूत्रों ने बताया कि पैनल में पांडा और जेठवा के साथ सारंगी तथा कोचे के शामिल होने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि पदोन्नति पाने वाले दोनों नए अधिकारियों में अंतर-वरिष्ठता सूची के अनुसार पांडा, जेठवा से वरिष्ठ हैं।

भाषा प्रशांत दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में