भुवनेश्वर, 27 अगस्त (भाषा) ओडिशा के गंजाम जिले में एक रक्षा परियोजना के कारण अपने गांवों से विस्थापित हुए कुल 1,371 परिवारों को 42 साल बाद पुनर्वास की सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को प्रभावित परिवारों के लिए 75.60 करोड़ रुपये के पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थान पैकेज की शुरुआत की।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 1984 में मुख्य रूप से मछुआरों के गांव ‘गोलाबंध’ में आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज की स्थापना के लिए लगभग 24 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन उन्हें पुनर्वास नहीं मिला था।
माझी ने गोलाबंध में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि सभी विस्थापित परिवारों के बैंक खातों में पांच-पांच लाख रुपये की एकमुश्त राशि भेजी जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा, गोलाबंध से लगभग तीन किलोमीटर दूर कीर्तिपुर में 4.25 करोड़ रुपये की लागत से उनके लिए एक कॉलोनी बनाई जाएगी। इस कॉलोनी में एक आंगनवाड़ी केंद्र, स्ट्रीटलाइट, सार्वजनिक शौचालय, एक चक्रवात आश्रय स्थल और एक नाव घाट की सुविधा होगी।
राज्य सरकार ने कॉलोनी के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 2.8 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए माझी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और बीजू जनता दल (बीजद) की सरकारों द्वारा कई वर्षों तक विस्थापित परिवारों की मांगों को नजरअंदाज किया गया।
माझी ने कहा, ‘हालांकि, डबल इंजन सरकार ने विस्थापित परिवारों की इस समस्या का समाधान कर दिया है।’
मुख्यमंत्री ने ‘चेलिगड़ा मध्यम सिंचाई परियोजना’ से प्रभावित 112 परिवारों में से 96 परिवारों को भूमि और घर के लिए ‘पट्टे’ (अधिकार पत्र) भी बांटे। इन प्रभावित लोगों को डिगापहंडी के संतरापुर में आवासीय भूमि और दो-दो एकड़ कृषि भूमि देकर पुनर्वासित किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि शेष परिवारों को जल्द ही उनके पट्टे मिल जाएंगे।
भाषा सुमित नरेश
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