भुवनेश्वर/फूलबनी, 25 मार्च (भाषा) ओडिशा में वांछित माओवादी सुकरू उर्फ कोसा सोड़ी सहित पांच नक्सलियों के आत्मसमर्पण के साथ माओवाद अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि माओवादियों के खिलाफ तीन दशकों से जारी संघर्ष में 239 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्सल विरोधी अभियान) संजीव पांडा ने कंधमाल जिले के मुख्यालय फूलबानी स्थित पुलिस रिजर्व ग्राउंड में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)-माओवादी की राज्य समिति के सदस्य सुकरू (49) सहित पांच माओवादियों का आत्मसमर्पण स्वीकार करते हुए यह बयान दिया।
उन्होंने बताया, “राज्य ने नक्सलियों के खिलाफ तीन दशकों से जारी संघर्ष में 239 सुरक्षाकर्मी खो दिए। हम शहीदों को अपनी सर्वोच्च श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। माओवादियों के खिलाफ लड़ाई लगभग समाप्त हो चुकी है। वर्तमान में, केवल लगभग आठ-नौ नक्सली सक्रिय हैं, जो सभी छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हैं और पहले कंधमाल जिले के कुछ छोटे-छोटे इलाकों में सक्रिय हैं।”
अधिकारी ने बताया कि पांच माओवादियों के आत्मसमर्पण से नक्सल विरोधी प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा और इन्होंने स्वेच्छा से अपने हथियार डाल दिए व मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया।
भाषा जितेंद्र रंजन
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