भुवनेश्वर, 25 मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से जाजपुर जिले में प्रस्तावित ‘स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ (एसपीआर) परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने का आग्रह किया।
पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ने के बाद से यह मुद्दा चर्चा में है क्योंकि खाड़ी देशों से भारत को कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी की आपूर्ति बाधित हुई है।
प्रधान ने पुरी और माझी को अलग-अलग पत्रों में कहा कि जाजपुर जिले के चांदीखोल में प्रस्तावित 40 लाख मीट्रिक टन (एमएमटी) क्षमता वाली एसपीआर परियोजना भविष्य में देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई गई है।
पूर्व पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री प्रधान ने अधिकारियों से एसपीआर परियोजना के शीघ्र पूर्ण होने और तेजी से संचालन शुरू करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 27 जून, 2018 को चांदीखोल में 8,743 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाली इस परियोजना को मंजूरी दी थी।
प्रधान ने कहा, “मैंने इस संबंध में तत्कालीन मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका। अगले चरण में आठ अप्रैल, 2025 को नयी दिल्ली में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी और मेरी उपस्थिति में इंडस्ट्रियल प्रोमोशन एंड इंवेस्टमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ ओडिशा लिमिटेड, ओडिशा सरकार और भारतीय रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए तथा काम आगे बढ़ रहा है।”
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परियोजना दुनिया की सबसे बड़ी भूमिगत कच्चे तेल भंडारण सुविधा होगी और इससे 5,000 से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
प्रधान ने बताया कि भारत की वर्तमान तेल भंडारण क्षमता 9.5 दिन की है और चांदीखोल परियोजना के शुरू होने पर देश की कच्चे तेल की आवश्यकता में 7.12 दिन की अतिरिक्त वृद्धि होगी।
भाषा जितेंद्र नरेश
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