झारखंड में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में एक माओवादी मारा गया

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झारखंड में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में एक माओवादी मारा गया

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  • Publish Date - August 6, 2025 / 03:07 PM IST,
    Updated On - August 6, 2025 / 03:07 PM IST

गुमला (झारखंड), छह अगस्त (भाषा) झारखंड के गुमला जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में माओवादियों से अलग हुए संगठन ‘पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) का एक सदस्य मारा गया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि मारे गए माआवोदी पर 15 लाख रुपये का इनाम था।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गुमला जिले के कामदारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत चंगाबाड़ी उपरटोली इलाके में पीएलएफआई के सदस्यों और सुरक्षाबलों के बीच मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे मुठभेड़ शुरू हुई थी। यह मुठभेड़ तब शुरू हुई जब सुरक्षाबलों ने इलाके में तलाश अभियान संचालित किया था।

उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान मार्टिन केरकेट्टा के रूप में हुई है। वह इस प्रतिबंधित संगठन का प्रमुख एवं एरिया कमांडर था और झारखंड के सात जिलों के कई पुलिस थानों में दर्ज 72 मामलों में वांछित था।

गुमला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हारिस बिन जमान ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘जैसे ही सुरक्षाबल चंगाबाड़ी उपरटोली पहुंचे तो माओवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की जिसमें पीएलएफआई का प्रमुख एवं एरिया कमांडर मार्टिन केरकेट्टा मारा गया। उसके पास से एक पिस्तौल भी बरामद की गई है।’’

अधिकारी ने बताया कि उन्हें इलाके में कुछ माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी और इसके बाद माओवादियों के खिलाफ अभियान के वास्ते एक विशेष टीम गठित की गई थी।

अधिकारी ने कहा, “मुठभेड़ के दौरान चार माओवादी मौजूद थे। अंधेरे का फायदा उठाकर तीन माओवादी भागने में सफल रहे।”

उन्होंने बताया कि केरकेट्टा 72 मामलों में वांछित था, जिनमें गुमला में उसके खिलाफ 30 मामले, सिमडेगा में छह, चाईबासा में चार, चतरा में एक, हजारीबाग में तीन, रांची में 11 और खूंटी जिले में 17 मामले दर्ज हैं।

भाषा प्रीति नरेश

नरेश