लोकसभा के साथ 11 राज्यों में एक साथ 2019 में चुनाव पर विचार, छत्तीसगढ़-मप्र भी शामिल

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लोकसभा के साथ 11 राज्यों में एक साथ 2019 में चुनाव पर विचार, छत्तीसगढ़-मप्र भी शामिल

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  • Publish Date - August 14, 2018 / 03:48 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:56 PM IST

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी की योजना ‘एक देश एक चुनाव’साकार होती नजर आ रही है। एक देश एक चुनाव” अगर 2019 से लागू कर दिया जाता है। तो कम से कम 11 राज्यों के विधानसभा चुनाव लोकसभा के साथ कराए जा सकते हैं। बीजेपी की योजना है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम के चुनाव आगे बढ़ाए जाएं। ओड़िशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के चुनाव तय वक्त पर लोकसभा के साथ हों और हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और झारखंड के चुनाव जल्दी कराए जाएं।

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ओड़िशा, तेलंगाना,और आंध्र प्रदेश के विधानसभा चुनाव तो लोकसभा के साथ ही होते हैं। लेकिन बाकी बचे आठ राज्यों में से मिजोरम में मौजूदा विधानसभा की मियाद दिसंबर तक है जबकि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में जनवरी 2018 तक। सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव के बीच की अवधि को पाटने के लिए इन राज्यों में न्यूट्रल सरकार रखने के लिए गवर्नर रूल यानी राष्ट्रपति शासन भी लागू करने का विकल्प आज़माया जा सकता है।

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पिछली बार हरियाणा, महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव लोकसभा के 6 महीने बाद हुए थे। पिछली बार झारखंड विधासनभा के चुनाव लोकसभा के 7 महीने बाद हुए थे। लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत बिहार की है क्योंकि यहां चुनाव लोकसभा के करीब डेढ़ साल बाद हुए थे तो क्या ऐसे में सवाल है कि क्या बिहार में डेढ़ साल पहले ही चुनाव करा लिए जाएंगे। भोपाल में तैयारियों का जायजा लेने आए चुनाव आयुक्त चंद्र भूषण से ये सवाल किया गया तो उन्होंने इस पर सीधा जवाब नहीं दिया। वहीं सूत्रों के मुताबिक सरकार इस पर गंभीर है। बीजेपी की तरफ से विधि आयोग को 8 पेज का हलफनामा दिया गया। हलफनामा एक देश, एक चुनाव के पक्ष में है। 

 

वेब डेस्क, IBC24