जम्मू, 17 अगस्त (भाषा) जम्मू मंडल के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 2026 में विशेष अभियान ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अपने परिवारों से बिछड़े या लापता हुए 34 नाबालिग बच्चों को बचाकर उनके माता-पिता या अभिभावकों से मिलाया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बचाए गए 34 बच्चों में 24 लड़के और 10 लड़कियां हैं।
‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ भारतीय रेलवे और आरपीएफ की एक मानवीय पहल है, जिसका उद्देश्य लापता, परिवार से बिछड़े या घर से भागे बच्चों का पता लगाना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें उनके परिवारों से मिलाना है।
अधिकारियों ने बताया कि बचाए गए बच्चों को तत्काल देखभाल, भोजन और सुरक्षा मुहैया कराने के बाद कानून के मुताबिक बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया गया।
उन्होंने कहा कि आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने और पहचान का सत्यापन किए जाने के बाद सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके माता-पिता या अभिभावकों को सौंप दिया गया।
जम्मू के मंडल रेल प्रबंधक विवेक कुमार ने आरपीएफ कर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यात्रियों, विशेषकर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा रेलवे की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘‘नन्हे फरिश्ते’ अभियान के तहत जम्मू मंडल के आरपीएफ कर्मियों द्वारा किया गया कार्य अत्यंत सराहनीय है। हम ऐसे अभियानों को और मजबूत करेंगे, ताकि रेलवे परिसर में कोई भी बच्चा असुरक्षित न रहे।’’
अधिकारियों के अनुसार, अभियान के तहत आरपीएफ कर्मी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में लगातार निगरानी और गश्त करते हैं तथा अकेले या असुरक्षित परिस्थितियों में मिले बच्चों की पहचान कर उनकी मदद करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह पहल बच्चों को मानव तस्करों, अपराधियों और अन्य प्रकार के शोषण से बचाने में भी मदद करती है।
आरपीएफ ने यात्रियों से ट्रेन यात्रा के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई बच्चा अकेला या भटकता हुआ दिखाई दे तो तत्काल आरपीएफ हेल्पलाइन या नजदीकी आरपीएफ चौकी को इसकी सूचना दें।
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