चंडीगढ़, 17 अगस्त (भाषा) हरियाणा पुलिस ने एक से 15 अगस्त तक ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के तहत राज्यभर में अपराधियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करते हुए 4,771 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के एक आधिकारिक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी गई।
बयान के अनुसार, अभियान के दौरान कुल 3,915 आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जबकि गंभीर अपराधों में शामिल 865 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इन आरोपियों पर 621 गंभीर अपराधों में संलिप्त होने का आरोप है।
‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के तहत हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, जबरन वसूली, झपटमारी, अपहरण, अवैध हथियारों की तस्करी और अन्य संगठित अपराधों में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी पर विशेष जोर दिया गया।
बयान में कहा गया कि अभियान के दौरान जिला पुलिस बलों, अपराध शाखाओं, विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और अन्य विशेषज्ञ इकाइयों ने करीबी समन्वय के साथ काम किया और आपराधिक नेटवर्क को प्रभावी ढंग से खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई की।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने कहा कि ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ का उद्देश्य केवल अपराधियों को गिरफ्तार करना नहीं है, बल्कि उनके और उनके नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी एवं लगातार कार्रवाई करना है।
उन्होंने कहा कि एक से 15 अगस्त के बीच 4,771 कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी हरियाणा पुलिस की मजबूत रणनीति, बेहतर समन्वय और अपराध को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति का परिणाम है।
डीजीपी ने कहा कि हरियाणा पुलिस अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड की समीक्षा करने, उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए प्रौद्योगिकी एवं खुफिया जानकारी आधारित पुलिसिंग को और मजबूत कर रही है।
राज्य अपराध शाखा के पुलिस महानिरीक्षक राकेश आर्य ने बताया कि ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के तहत पुलिस ने व्यापक कार्रवाई करते हुए कुल 258 बड़े मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अभियान के दौरान हरियाणा पुलिस ने मादक पदार्थों के तस्करों और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की तथा बड़ी मात्रा में अवैध हथियार, मादक पदार्थ और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की।
डीजीपी ने राज्य के लोगों से अपराध के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय रूप से पुलिस का सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि किसी नागरिक को अपराध, मादक पदार्थ, अवैध हथियार, गैंगस्टर गतिविधियों या किसी संदिग्ध व्यक्ति अथवा गतिविधि के बारे में जानकारी मिलती है, तो वह बिना किसी डर या झिझक के तुरंत पुलिस को सूचित करे।
उन्होंने कहा कि किसी नागरिक की ओर से दी गई छोटी-सी जानकारी भी किसी बड़ी आपराधिक घटना को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। डीजीपी ने आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
भाषा राखी वैभव
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