नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) सरकार ने बुधवार को कहा कि सर्वदलीय बैठक में विपक्ष को पश्चिम एशिया संकट के विषय पर पर्याप्त जानकारी दी गई और विपक्षी नेताओं ने भी विश्वास दिलाया कि संकट की इस घड़ी में वो सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों का समर्थन करेंगे।
सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि आज की बैठक में विस्तृत जानकारी दिए जाने के बाद फिलहाल विपक्ष को और जानकारी मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सर्वदलीय बैठक में पश्चिम एशिया संकट के बारे में जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की इच्छा से बैठक बुलाई गई। सभी नेताओं को धन्यवाद करना चाहता हूं कि वो बैठक में शामिल हुए। विभिन्न दलों ने अपनी ओर से चिंताएं व्यक्ति की।’’
मंत्री ने बताया कि युद्ध के कारण जो परिस्थिति उत्पन्न हुई उसका भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा और सरकार ने क्या कदम उठाए, उसके बारे में कई विपक्षी दलों के नेताओं ने सवाल उठाए जिनका सरकार ने जवाब दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘अंत में सभी विपक्षी दलों ने कहा कि संकट की घड़ी में सरकार जो फैसला करेगी और जो कदम उठाएगी, सब एकजुट होकर साथ देंगे।’’
रीजीजू का कहना था कि सरकार के साथ एकजुटता प्रकट करने में विपक्ष ने परिपक्वता का परिचय दिया।
उन्होंने बताया कि ईंधन सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से उठाए गए कदमों को लेकर विपक्ष ने संतुष्टि जताई।
यह पूछे जाने पर कि विपक्ष इस मामले पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा की मांग कर रहा है तो रीजीजू ने कहा, ‘‘सरकार की ओर से पर्याप्त जानकारी दी गई…इस विषय पर और जानकारी की मांग की जरूरत नहीं पड़ेगी, भविष्य के बारे में मैं नहीं कह सकता।’’
उनका कहना था कि सरकार ने विपक्ष के सुझावों को सुना है और उनकी शंकाओं को भी दूर करने का प्रयास किया है।
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