विपक्ष ने राज्यसभा में पेगासस एवं किसान मुद्दों पर अपने सदस्यों के बयानों का वीडियो जारी किया

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विपक्ष ने राज्यसभा में पेगासस एवं किसान मुद्दों पर अपने सदस्यों के बयानों का वीडियो जारी किया

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  • Publish Date - August 8, 2021 / 04:24 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:45 PM IST

नयी दिल्ली, आठ अगस्त (भाषा) राज्यसभा में विधेयकों पर चर्चा के दौरान पेगासस जासूसी विवाद एवं कृषि कानूनों पर चर्चा की विपक्ष की रणनीति के तहत तीन मिनट का वीडियो बनाया गया है ताकि सरकार उनकी मांगों को सुने। नेताओं ने रविवार को यह जानकारी दी।

रविवार सुबह राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन के हैंडल से तृणमूल कांग्रेस द्वारा जारी किये गये इस वीडियो में अपील की गयी है-‘ श्रीमान् मोदी, आइए, हमारी बात सुनिए। ’’

विपक्षी दल के सूत्रों ने संकेत दिया कि पिछले कुछ सप्ताह से नेताओं ने अहसास किया है कि लोकसभा एवं राज्यसभा में व्यवधान पैदा करना ही काफी नहीं है,सदन के पटल पर ‘‘किसान’’, ‘‘पेगासस’’ एवं स्पाईवेयर जैसे शब्दों को दोहराना जरूरी है।

संसद में विधेयकों पर अपनी बातें रखने के दौरान ही ऐसे मुद्दों को उठाने की विपक्षी सांसदों की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर ओ ब्रायन ने कहा कि उनकी ‘रणनीति सोची-समझी है।’’

राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता ओ ब्रायन ने कहा, ‘‘ जब आधिकारिक माध्यमों से वंचित किया जा रहा हो तब यह आमजन तक पहुंचने का एक नया तरीका है।’’

वीडियो में उच्च सदन में विपक्षी सांसदों द्वारा दिये गये बयान हैं और उनमें शुरुआत ‘किसान’,‘पेगासस’ जैसे शब्दों से की गयी है।

इस वीडियो में सदन में कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे यह कहते हुए नजर रहे हैं, ‘‘ हम पिछले 14 दिनों से जिस चर्चा की मांग कर रहे हैं, और भविष्य पर जिस पर चर्चा कर सकते हैं, आप उसे होने नहीं दे रहे हैं। आप अब उस विधेयक को पारित कर रहे हैं। यदि आपमें साहस है तो पेगासस विवाद पर चर्चा शुरू कीजिए।’’

इस वीडियो में राकांपा की वंदना चव्हाण पेगासस मुद्दा उठाते हुए और सरकार पर ‘ लोगों की बातें नहीं सुनने का आरोप ’ लगाती हुई नजर आ रही हैं । उसमें राजद के मनोज झा यह कहते हुए सुने जा रहे हैं–‘‘पेगासस हर व्यक्ति के घर में घुस गया। हमें इस पर चर्चा करनी है।’’

वीडियो में कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा यह कहते हुए दिख रहे हैं कि यदि उनका ‘माइक्रोफोन बंद नहीं किया जाए’’ तो वह किसानों के मुद्दे पर बोलेंगे। माकपा सरकार पर ‘संसदीय लोकतंत्र को चुराने का आरोप लगाती हुई नजर आ रही है। तृणमूल कांग्रेस ‘संसद में भाषण की आजादी’ का मुद्दा उठाते हुए दिख रहे हैं।

भाषा राजकुमार नरेश

नरेश