पलानीस्वामी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के ब्रिटेन दौरे पर सवाल खड़े किए

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पलानीस्वामी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के ब्रिटेन दौरे पर सवाल खड़े किए

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  • Publish Date - September 17, 2026 / 08:26 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 08:26 PM IST

मदुरै (तमिलनाडु), 17 सितंबर (भाषा) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के प्रमुख ए. के. पलानीस्वामी ने बृहस्पतिवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की ब्रिटेन यात्रा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह यात्रा राज्य में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से नहीं की गई होगी।

यह बताते हुए कि मुख्यमंत्री के साथ न तो उद्योग मंत्री थे और न ही उद्योग सचिव, पलानीस्वामी ने कहा कि जनता ने इस दौरे के मकसद पर सवाल उठाए हैं और कुछ लोगों को तो यह भी लग रहा है कि यह असल में ‘मौज-मस्ती के लिए की गई यात्रा’ थी।

पलानीस्वामी ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री खास तौर पर औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए यात्रा पर गए थे, तो उनके साथ उद्योग मंत्री या उद्योग सचिव का जाना उचित होता।

पलानीस्वामी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘अहम विभागों के प्रमुखों के बिना यात्रा करने से गंभीर सवाल खड़े होते हैं।’

उन्होंने कहा कि मदरसन समूह के साथ हुआ समझौता तमिलनाडु में ही किया जा सकता था।

पलानीस्वामी ने कहा, ‘‘कंपनी पहले से ही पूरे भारत में 32 इकाइयां संचालित करती है और चेन्नई में उसका एक बड़ा कार्यालय है। लंदन में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने से जनता यह सवाल पूछ रही है कि यह निवेश आकर्षित करने का अभियान था या केवल मौज-मस्ती के लिए की गई यात्रा।’’

पलानीस्वामी ने तमिलनाडु के बढ़ते कर्ज को लेकर सरकार की आलोचना की और वित्तीय कठिनाइयों के बीच नया सचिवालय परिसर बनाने की जरूरत पर सवाल उठाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कृषि ऋण माफी समेत चुनाव के दौरान किए गए प्रमुख वादों को पूरा करने में विफल रही है और उन्होंने किसानों, नर्सों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने विधानसभा की कार्यवाही के संचालन को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि जन शिकायतों को दूर करने के बजाय महत्वपूर्ण समय राजनीतिक विवादों में खर्च किया जा रहा है।

कानून-व्यवस्था और सरकारी विभागों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि जनता मौजूदा सरकार को जवाबदेह ठहराएगी।

पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु प्रशासनिक विफलताओं, व्यापक बिजली कटौती और बिगड़ती कानून-व्यवस्था का सामना कर रहा है।

राज्य में लगातार बिजली कटौती का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान मंत्रियों को भी बिजली कटौती का सामना करना पड़ा है।

पलानीस्वामी ने कहा, ‘‘जहां प्रशासन बिजली कटौती से इनकार करता है, वहीं बिजली, गैर-पारंपरिक ऊर्जा विकास मंत्री आर एन निर्मल कुमार ने बिजली की कमी की बात स्वीकार की है और खुले बाजार से 2,000 मेगावाट बिजली खरीदने की योजना की घोषणा की है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि बिना सूचना रात में होने वाली बिजली कटौती से छात्रों की पढ़ाई और लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है।

विजय ने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद पिछले बृहस्पतिवार रात अपनी पहली विदेश यात्रा शुरू की थी। इसका उद्देश्य उन्नत विनिर्माण, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना और उच्च कौशल वाले रोजगार के अवसर पैदा करना थी।

भाषा राखी नरेश

नरेश

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