‘पनुन कश्मीर’ 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन करेगा, अलग मातृभूमि की मांग दोहराई

Ads

'पनुन कश्मीर' 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन करेगा, अलग मातृभूमि की मांग दोहराई

  •  
  • Publish Date - July 12, 2026 / 10:06 PM IST,
    Updated On - July 12, 2026 / 10:06 PM IST

जम्मू, 12 जुलाई (भाषा) विस्थापित कश्मीरी पंडितों के संगठन ‘पनुन कश्मीर’ ने रविवार को कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले उसके प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में वर्ष 1990 में समुदाय के पलायन के लिए न्याय और जवाबदेही की मांग की जाएगी।

इसके साथ ही संगठन ने कश्मीर घाटी के भीतर एक अलग मातृभूमि की अपनी मांग को भी दोहराया।

‘पनुन कश्मीर’ के अध्यक्ष टीटो गंजू ने युवा पीढ़ी से इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की।

उन्होंने इसे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का शांतिपूर्ण ढंग से उपयोग करने और न्याय के लिए समुदाय की सामूहिक मांग को मजबूत करने का एक अवसर बताया।

प्रदर्शन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए यहां आयोजित संगठन की एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए गंजू ने विस्थापित कश्मीरी पंडितों की दुर्दशा के प्रति दशकों की ‘संस्थागत और राजनीतिक उदासीनता’ की आलोचना की।

उन्होंने कहा, ‘कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार और निर्वासन के मुद्दे को पिछले 36 वर्षों से भारत के राजनीतिक नेतृत्व द्वारा लगातार नजरअंदाज किया गया है। जंतर-मंतर पर संगठन के इस मार्च का उद्देश्य संसद को स्पष्ट संदेश देना है कि न्याय को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।’

गंजू ने कहा कि वर्ष 1990 में हुए पलायन की जवाबदेही तय किए बिना कश्मीर मुद्दे का कोई स्थायी राजनीतिक समाधान नहीं निकाला जा सकता।

भाषा सुमित नरेश संतोष

संतोष